हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। टीम की इस स्थिति के बीच मुख्य कोच फुल्टन ने मैचों के दौरान फील्ड गोल करने में रही कमी पर गहरा अफसोस जताया है।
फील्ड गोल न कर पाना बना बड़ी विफलता
टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती फील्ड गोल करने में रही विफलता बनी है। कोच फुल्टन के अनुसार, टीम द्वारा मौकों को गोल में तब्दील न कर पाना भारी पड़ा है। फील्ड गोल की इसी कमी के कारण टीम अपनी पकड़ मजबूत करने में नाकाम रही है।
टूर्नामेंट से बाहर होने का बढ़ा खतरा
फील्ड गोल करने में आ रही लाचारी के चलते भारत अब प्रतियोगिता में बेहद कठिन स्थिति में पहुंच गया है। कोच ने माना है कि बड़े स्तर के मुकाबलों में मिले अवसरों को परिणाम में बदलना आवश्यक होता है। मैदानी गोल न हो पाने की वजह से भारत के आगे के सफर पर संकट गहरा गया है और टीम टूर्नामेंट से बाहर होने के मुहाने पर खड़ी है।