AI Boom की हाई सैलरी बनी भारतीय Chip-Design Startups के लिए बड़ी चुनौती: TDK Ventures

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दबदबे और इस सेक्टर में तेजी से आई ग्रोथ की वजह से टेक इंडस्ट्री में सैलरी स्ट्रक्चर में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। Venture capital फर्म TDK Ventures के अनुसार, AI boom के कारण बढ़ रही हाई सैलरी अब भारतीय chip-design startups के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। chip design startups AI salaries से जुड़ी यह जानकारी इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

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Chip-Design Startups पर सैलरी का दबाव

AI टेक इकोसिस्टम में कुशल टैलेंट की मांग अचानक बहुत अधिक बढ़ गई है। बड़ी ग्लोबल कंपनियां और टेक जायंट्स टैलेंट को आकर्षित करने के लिए भारी-भरकम सैलरी पैकेज दे रहे हैं। TDK Ventures का मानना है कि इस हाई-सैलरी ट्रेंड के कारण शुरुआती चरण के भारतीय chip-design startups के लिए प्रतिस्पर्धी बने रहना और सही टैलेंट को अपने साथ जोड़कर रखना मुश्किल हो रहा है।

ग्लोबल कंपनियों की भारत में एंट्री और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम

भारत में सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग इकोसिस्टम को लेकर बड़ी विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी भी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में जर्मन चिपमेकर Infineon ने बेंगलुरु में ₹750 करोड़ की लीज डील के जरिए अपना ऑफिस स्पेस लिया है। इस तरह के बड़े निवेश भारत में चिप इंडस्ट्री के विस्तार को तो दिखाते हैं, लेकिन साथ ही लोकल स्टार्टअप्स के लिए टैलेंट जुटाने का कम्पटीशन भी बढ़ा देते हैं।

निवेश और बिजनेस टाइज को बढ़ावा देने के प्रयास

एक तरफ जहां स्टार्टअप्स सैलरी प्रेशर का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश में इन्वेस्टमेंट और बिजनेस टाइज को मजबूत करने के लिए नए कदम भी उठाए जा रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और जापान के बीच बिजनेस और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक ‘Shark Tank’ स्टाइल प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया है, जिससे दोनों देशों के स्टार्टअप्स और इन्वेस्टर्स को नया मंच मिल सके।

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मूल स्रोत: Business Standard