ग्लोबल टेक कंपनी IBM की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, डेटा ब्रीच (Data Breach) की औसत लागत में साल-दर-साल 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ते साइबर खतरों और AI-आधारित हमलों के कारण दुनिया भर के संगठनों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बढ़ते आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए कंपनियां अब अपनी साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए AI टूल्स का रुख कर रही हैं। IBM data breach report से जुड़ी यह जानकारी इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
IBM data breach report: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
औसत लागत बढ़कर $4.88 मिलियन हुई
IBM द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, एक डेटा ब्रीच की वैश्विक औसत लागत बढ़कर 4.88 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये से अधिक) तक पहुंच गई है। रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि डेटा लीक के कारण होने वाला कोलैटरल डैमेज (Collateral damage) भी काफी बढ़ गया है। इसके अलावा, AI से जुड़े 92 प्रतिशत इंसिडेंट्स में पर्याप्त एक्सेस कंट्रोल्स (Access Controls) मौजूद नहीं पाए गए, जो सुरक्षा प्रणालियों में एक बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।
भारत में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ब्रीच कॉस्ट
डेटा ब्रीच का प्रभाव विशेष रूप से भारत और साउथ-ईस्ट एशिया में तेजी से देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में AI हमलों में तेजी आने के कारण डेटा ब्रीच की लागत अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। चिंताजनक बात यह है कि देश में केवल तीन में से एक कंपनी (Only one in three firms) ही इन जटिल साइबर अटैक से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
साइबर सुरक्षा के लिए AI पर बढ़ा भरोसा
डेटा लीक की बढ़ती लागत और हमलों की जटिलता को देखते हुए फाइनेंशियल इंडस्ट्री (Financial Industry) सहित कई सेक्टर के संगठन अब अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। साइबर हमलों का तेजी से पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए कंपनियां तेजी से AI और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस को अपना रही हैं, ताकि भविष्य में होने वाले वित्तीय और डेटा नुकसान को कम किया जा सके।
यह भी पढ़ें
- लॉजिस्टिक्स दिग्गज Ceva Logistics पर साइबर अटैक, बैंक, रिटेलर्स और Steam गेमर्स हुए प्रभावित
- AnalySwift को मिला NASA का STTR कॉन्ट्रैक्ट, लंबे स्पेस मिशनों के लिए तैयार होगी नई तकनीक
मूल स्रोत: CoinGeek