भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बिक्री में 13% की वृद्धि, नई डिवाइस बिक्री में 11% गिरावट

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बढ़ती मांग: एक नया रुझान

भारत के मोबाइल बाज़ार में एक नया अध्याय खुल रहा है। Counterpoint Research के नवीनतम विश्लेषण के अनुसार, 2026 के पहले छमाही में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बिक्री में 13 % की वृद्धि हुई, जबकि नई डिवाइस की बिक्री में 11 % की गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा उपभोक्ताओं के बीच लागत‑प्रभावी विकल्पों की ओर बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

रिफर्बिश्ड बाज़ार का विस्तार: क्यों हो रहा है यह बदलाव?

रिफर्बिश्ड फ़ोन, जिन्हें पूर्व में उपयोग किए गए फ़ोन को मरम्मत और पुनः पैकेजिंग करके बेचा जाता है, अब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक आकर्षक विकल्प बनते जा रहे हैं। Counterpoint के शोध से पता चलता है कि उपभोक्ताओं की मूल्य संवेदनशीलता और पर्यावरणीय जागरूकता ने इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, भारतीय मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों द्वारा रिफर्बिश्ड फ़ोन के लिए बेहतर वारंटी और सर्विस विकल्पों की पेशकश ने भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है।

नई डिवाइस बिक्री में गिरावट के पीछे के कारण

नई स्मार्टफोन की बिक्री में 11 % की गिरावट का मुख्य कारण बाजार में संतृप्ति और वैश्विक सेमीकंडक्टर की कमी है। Counterpoint Research ने बताया कि 2026 के Q1 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6 % की YoY गिरावट आई, जो मेमोरी चिप की कमी के कारण हुई। इस कमी ने भारतीय निर्माताओं को नई डिवाइस के उत्पादन में चुनौतियों का सामना कराया, जिससे बिक्री पर असर पड़ा।

Apple का अप्रत्याशित उभार: वैश्विक स्तर पर पहला स्थान

उसी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि Q1 2026 में Apple ने पहली बार वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट्स में अग्रणी स्थान हासिल किया। यह विकास भारतीय बाजार में भी परोक्ष रूप से प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि Apple के नवीनतम मॉडल भारतीय उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रियता बढ़ा रहे हैं। हालांकि, Apple के उच्च मूल्य बिंदु के कारण, अधिकांश भारतीय उपभोक्ता अभी भी रिफर्बिश्ड विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

भारत का स्मार्टफोन बाजार: शेयर और रुझान

Counterpoint Research के अनुसार, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रमुख ब्रांडों के बीच प्रतिस्पर्धा तीव्र हो रही है। रिफर्बिश्ड फ़ोन के बढ़ते हिस्से ने पारंपरिक OEMs के बाजार हिस्से पर दबाव डाला है। इस बीच, स्थानीय स्टार्टअप्स और ODMs भी रिफर्बिश्ड सेक्टर में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के पास विकल्पों की विविधता बढ़ रही है।

भविष्य की दृष्टि: रिफर्बिश्ड सेक्टर की संभावनाएँ

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन का बाज़ार 2027 तक 20 % से अधिक की CAGR के साथ बढ़ सकता है। Counterpoint के आंकड़ों के अनुसार, यदि उपभोक्ताओं की लागत‑प्रभावी और पर्यावरण‑अनुकूल विकल्पों की मांग बनी रहती है, तो यह प्रवृत्ति और तेज़ हो सकती है।

निष्कर्ष: उपभोक्ताओं के लिए नई चुनौतियाँ और अवसर

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बढ़ती बिक्री और नई डिवाइस की घटती बिक्री भारतीय मोबाइल बाज़ार में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। उपभोक्ताओं के लिए यह एक नई खरीदारी रणनीति है, जबकि निर्माताओं और रिटेलर्स के लिए यह एक चुनौती और अवसर दोनों प्रस्तुत करती है। Counterpoint Research के डेटा से स्पष्ट है कि बाजार का भविष्य रिफर्बिश्ड सेक्टर के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।

मूल स्रोत: Fortune India