ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी में निवेश का नया युग
पिछले दशक में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्र में तकनीकी बदलावों ने उद्योग की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है। Descartes Systems Group द्वारा प्रकाशित 10वीं वार्षिक ग्लोबल ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट बेंचमार्क सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी अमेरिका में ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट (TM) टेक्नोलॉजी में निवेश करने की योजना बनाने वाली संगठनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 2017 में यह आंकड़ा 53% था, जबकि 2026 में यह 78% तक पहुंच गया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि कंपनियां अब ट्रांसपोर्टेशन को केवल एक संचालनात्मक फंक्शन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संपदा के रूप में देख रही हैं।
यह बदलाव केवल निवेश के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि उद्योग ने तकनीक के मूल्य को स्वीकार कर लिया है। अब कंपनियों के लिए सवाल यह नहीं है कि क्या टेक्नोलॉजी मूल्य सृजन करती है, बल्कि यह है कि वे उस मूल्य को कैसे अधिकतम बना सकते हैं। इस रिपोर्ट ने यह भी उजागर किया है कि 85% संगठन अब ट्रांसपोर्टेशन को एक प्रतिस्पर्धी हथियार या कस्टमर सर्विस डिफरेंशिएटर के रूप में मानते हैं, जो 2017 में 65% था।
AI: रणनीतिक प्राथमिकता और चुनौतियां
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब ट्रांसपोर्टेशन संगठनों के लिए एक रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है। सर्वे के अनुसार, अगले दो वर्षों में शिपर्स और लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर्स (LSPs) दोनों के लिए AI अपनाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जिसमें 58% संगठनों ने इसे चुना है। इसके बाद फ्रेट कॉस्ट कम करना दूसरे नंबर पर है, जिसमें 57% संगठनों ने रुचि दिखाई है।
AI अपनाने की वर्तमान स्थिति
हालांकि AI की मांग में वृद्धि हुई है, लेकिन इसका व्यापक उपयोग अभी भी शुरुआती चरण में है। केवल 19% शिपर्स और 15% LSPs रिपोर्ट करते हैं कि वे AI को स्केल पर उपयोग कर रहे हैं। अधिकांश कंपनियां अभी भी AI की खोज, पायलट प्रोजेक्ट्स या आंशिक डिप्लॉयमेंट में लगी हुई हैं। यह अंतर दर्शाता है कि तकनीक की उपलब्धता और उसकी व्यावसायिक स्केलेबिलिटी के बीच एक बड़ा अंतर है।
डेटा क्वालिटी और इंटीग्रेशन की बाधाएं
AI को स्केल करने में सबसे बड़ी बाधा डेटा क्वालिटी है। 45% LSPs और 33% शिपर्स ने डेटा क्वालिटी को AI स्केलिंग की प्रमुख बाधा के रूप में उल्लेख किया है। इसके बाद इंटीग्रेशन की जटिलता दूसरे नंबर पर है, जिसे 38% LSPs और 39% शिपर्स ने चुना है। यह स्पष्ट करता है कि कंपनियों को अपने मौजूदा सिस्टम्स को नए AI टूल्स के साथ जोड़ने में तकनीकी और प्रक्रियात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यावसायिक वृद्धि और ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS)
व्यावसायिक वृद्धि ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) अपनाने का प्रमुख कारण है। शिपर्स के लिए यह आंकड़ा 53% है, जबकि LSPs के लिए यह 48% है। यह दर्शाता है कि कंपनियां TMS को अपने बिजनेस ग्रोथ के लिए एक आवश्यक उपकरण के रूप में देख रही हैं।
भविष्य की वृद्धि की उम्मीदें
अगले दो वर्षों में 79% शिपर्स और 84% LSPs कम से कम 5% की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद रखते हैं। विशेष रूप से, 74% LSPs 5-15% की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद रखते हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत पॉइंट्स की वृद्धि है। यह आत्मविश्शार दर्शाता है कि उद्योग में तकनीकी निवेश के परिणामस्वरूप व्यावसायिक प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
फ्रेट कॉस्ट मैनेजमेंट और बाहरी कारक
फ्रेट कॉस्ट मैनेजमेंट शिपर्स (35%) और LSPs (25%) दोनों के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी ट्रांसपोर्टेशन चुनौती है। अगले पांच वर्षों में ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट को प्रभावित करने वाला शीर्ष बाहरी कारक उद्योग की बढ़ती लागत है। यह दर्शाता है कि कंपनियों को न केवल तकनीक अपनानी होगी, बल्कि लागत प्रबंधन को भी रणनीतिक रूप से संभालना होगा।
AI से प्राप्त लाभ
जो कंपनियां AI का उपयोग कर रही हैं, उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण लाभ देखे हैं। शिपर्स के लिए सबसे बड़ा लाभ प्रशासनिक और श्रमिक लागत में कमी (55%) है। दूसरी ओर, LSPs ने सेवा में सुधार (53%) और फ्रेट कॉस्ट में कमी (46%) को प्रमुख लाभ के रूप में उल्लेख किया है। यह संकेत देता है कि AI के लाभ उद्योग के अलग-अलग खंडों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं।
फुल ट्रकलोड मोड और रियल-टाइम विज़िबिलिटी
फुल ट्रकलोड मोड को बेहतर रियल-टाइम विज़िबिलिटी की आवश्यकता है, यह 57% शिपर्स और 43% LSPs का मानना है। यह आंकड़ा 2025 की तुलना में क्रमशः 14 और 19 प्रतिशत पॉइंट्स की वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि दर्शाती है कि कंपनियां अब केवल संचालन की दक्षता के लिए नहीं, बल्कि ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए भी रियल-टाइम डेटा की मांग कर रही हैं।
उद्योग प्रभाव और भविष्य की दिशा
यह सर्वे रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट एक संचालनात्मक फंक्शन से रणनीतिक ड्राइवर में बदल गया है, जो बिजनेस ग्रोथ, कस्टमर एक्सपीरियंस और प्रतिस्पर्धी भेदभाव को प्रभावित करता है। अगला चरण इस ट्रांसफॉर्मेशन पर निर्भर करेगा कि संगठन ऑटोमेशन और AI को कितनी प्रभावी तरह से स्केल कर पाते हैं।
कौन प्रभावित होगा?
शिपर्स और LSPs दोनों इस बदलाव से प्रभावित होंगे। शिपर्स को अपने सप्लाई चेन को अधिक दक्ष बनाने और लागत कम करने के लिए TMS और AI का उपयोग करना होगा। LSPs को अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने और ग्राहकों को रियल-टाइम अपडेट प्रदान करने के लिए इन तकनीकों को अपनाना होगा। वे कंपनियां जो इन तकनीकों को स्केल करने में सफल होंगी, वे बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगी।
क्या देखना चाहिए?
भविष्य में, कंपनियों को डेटा क्वालिटी में सुधार और सिस्टम इंटीग्रेशन में निवेश करना होगा। AI के स्केलिंग की सफलता इन कारकों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, फ्रेट कॉस्ट मैनेजमेंट और रियल-टाइम विज़िबिलिटी में सुधार भी महत्वपूर्ण रहेंगे। उद्योग के लिए यह समय है कि वे तकनीक के मूल्य को अधिकतम बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, न कि केवल तकनीक को अपनाने पर।
Descartes Systems Group के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट ऑफ प्रोडक्शन मैनेजमेंट, एलन डंकर्ली ने कहा, “दस वर्षों की बेंचमार्क रिसर्च यह दिखाती है कि ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी की बातचीत मूल रूप से बदल गई है। संगठनों को अब यह मानने की ज़रूरत नहीं है कि ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी मूल्य सृजन करती है, क्योंकि वे इस मूल्य को अधिकतम बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके अलावा, AI अब एक रणनीतिक प्राथमिकता है, इसलिए ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क को जोड़ना, प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करना और उच्च-गुणवत्ता वाला रियल-टाइम डेटा बनाना AI को प्रयोग से स्केल्ड ट्रांसपोर्टेशन ऑपरेशंस में ले जाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।”
