रिमोट वर्क पर Wharton रिसर्च

परिचय

Wharton researchers studied 760 employees और पाया कि रिमोट वर्क को लेकर कई आम धारणाएं सच नहीं हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर में रिमोट वर्क और हाइब्रिड मॉडल को लेकर लगातार बहस चल रही है। कई लोग इसे कर्मचारियों की स्वतंत्रता और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हालिया अध्ययन कुछ अलग ही कहानी बयां करता है।

पेंसिल्wेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि रिमोट वर्क के अपने कुछ छिपे हुए नुकसान भी हैं, जो सीधे तौर पर कंपनियों के कामकाज और कर्मचारियों के आपसी संबंधों को प्रभावित कर रहे हैं।

अध्ययन की पृष्ठभूमि और कार्यप्रणाली

यह शोध व्हार्टन के मैनेजमेंट प्रोफेसर पीटर कैपेली (Peter Cappelli) और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन की कम्युनिकेशंस प्रोफेसर वाई. जैस्मीन वू (Y. Jasmine Wu) द्वारा किया गया है। उनके इस शोध पत्र का शीर्षक ‘How Remote Work Is Reshaping the Office’ है, जिसे जुलाई में ‘कैलिफोर्निया मैनेजमेंट रिव्यू’ (California Management Review) में ऑनलाइन प्रकाशित किया गया था।

शोधकर्ताओं ने अमेरिकी, ब्रिटिश और भारतीय बाजारों में सक्रिय एक बहुराष्ट्रीय वित्तीय सेवा कंपनी (multinational financial services company) के लगभग 760 कर्मचारियों के साथ लेट 2023 में 38 ग्रुप इंटरव्यू किए। इस व्यापक बातचीत के आधार पर उन्होंने रिमोट और हाइब्रिड वर्क संस्कृति के प्रभावों का बारीकी से विश्लेषण किया।

पीटर कैपेली ने अपनी सह-लेखिका रान्या नेहमेह (Ranya Nehmeh) के साथ मिलकर ‘In Praise of the Office’ नाम से एक किताब भी लिखी है, जो ऑफिस के माहौल और उसकी महत्ता पर रोशनी डालती है।

क्या बदला है: ‘रिलेशनल कैपिटल’ और ट्रांसएक्शनल वर्कडे

अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि रिमोट वर्क के कारण ‘रिलेशनल कैपिटल’ (relational capital) कमजोर हो रही है। रिलेशनल कैपिटल का मतलब यह है कि आपको पता हो कि मदद के लिए किससे संपर्क करना है, आप पूछने में सहज महसूस करें और सहकर्मी सहायता करने के लिए तैयार रहे।

जब कर्मचारी फिजिकली एक साथ ऑफिस में नहीं होते हैं, तो यह सोशल नेटवर्क और आपसी विश्वास का ताना-बाना बिखरने लगता है। अध्ययन में यह बात सामने आई कि किसी सहकर्मी की मदद करना या नए कर्मचारी (new hire) को काम सिखाना अक्सर व्यक्तिगत असाइनमेंट्स और की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स (KPIs) के चक्कर में पीछे छूट जाता है।

कर्मचारियों का रुख माइक्रोसॉफ्ट टीम्स (Microsoft Teams) के मैसेजेस के प्रति अधिक transactional हो गया है। कई कर्मचारी इस एटीट्यूड के साथ काम करने लगे हैं कि यदि उनके दिन का समय समाप्त हो गया है, तो वे सुबह तक इंतजार करेंगे। जो कर्मचारी अपने करीबी सहकर्मियों को कॉल करते हैं, उन्हें जल्दी मदद मिल जाती है, जबकि अन्य लोगों को मिलने वाली मदद में देरी होती है। एक नए कर्मचारी ने, जिसका ऑफिस में कोई दोस्त नहीं था, बताया कि उसने एक साधारण सवाल का जवाब पाने के लिए लगातार तीन महीने तक प्रयास किया।

मुख्य लाभ और कुछ सकारात्मक पहलू

हालांकि अध्ययन में रिमोट वर्क की कमियों को उजागर किया गया है, लेकिन इसके कुछ सकारात्मक पहलुओं से भी इनकार नहीं किया गया है। कुछ उत्तरदाताओं (respondents) का मानना था कि कम इन-पर्सन इंटरेक्शन महिलाओं, अल्पसंख्यकों (minorities) और इंट्रोवर्ट्स के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा, घर पर शांत और निजी स्थान पर काम करने से कई बार एकाग्रता बनाए रखना आसान हो जाता है, जिससे व्यक्तिगत उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।

व्यापार और कार्यस्थल पर जोखिम

इस शोध के व्यावसायिक निहितार्थ (business implications) काफी गहरे हैं। अध्ययन के अनुसार, रिमोट वर्क की वजह से कामकाजी दिन लंबा और अधिक लेनदेन आधारित (transactional) बनता जा रहा है। महामारी के दौरान उभरी ‘सेल्फ-केयर’ की भावना ने भी इसमें भूमिका निभाई होगी, जहां कर्मचारियों ने दूसरों की मदद करने की तुलना में अपनी व्यक्तिगत भलाई और प्राथमिकताओं को प्राथमिकता दी।

इसके अतिरिक्त, कई कंपनियों ने पैसे बचाने के लिए अपने ऑफिस स्पेस को कम कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पर्याप्त जगह न होना, साझा डेस्क (shared desks) और उपस्थिति के नियमों का असंगत रूप से लागू होना जैसी समस्याएं सामने आई हैं। बड़े वर्चुअल मीटिंग्स में अक्सर लोग कैमरे बंद करके अन्य काम करते नजर आते हैं, जिसके कारण बाद में फॉलो-अप मीटिंग्स बुलानी पड़ती हैं।

सीमितताएं और सावधानियां

लेखकों ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि केवल इन साक्षात्कारों (interviews) के आधार पर यह पूरी तरह साबित नहीं किया जा सकता कि घर से काम करने के कारण ही ये सारी समस्याएं सीधे तौर पर पैदा हुईं, भले ही उनका मानना है कि इसने इन परेशानियों को बढ़ाने में योगदान दिया है। साथ ही, यह अध्ययन यह भी स्थापित नहीं करता कि ये समस्याएं इंडस्ट्री में कुल कितनी व्यापक हैं।

आगे क्या देखना चाहिए और समाधान

कार्यस्थल पर इन चुनौतियों से निपटने के लिए लेखकों ने कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए हैं:

  • ऑफिस के दिनों को बेहतर ढंग से समन्वित (coordinating) करना।
  • सामूहिक गतिविधियों की योजना बनाना।
  • नए कर्मचारियों के लिए संरचित परिचय (structured introductions) प्रदान करना।
  • सहकर्मियों की मदद करने के पहलू को जॉब डिस्क्रिप्शन और परफॉर्मेंस क्राइटेरिया में शामिल करना।

कंपनियां आने वाले समय में इन सिफारिशों को किस प्रकार अपने एचआर पॉलिसी में शामिल करती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। वित्त और टेक्नोलॉजी सेक्टर की बहुराष्ट्रीय कंपनियां हाइब्रिड मॉडल को और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए इन बिंदुओं पर विचार कर रही हैं।