कॉन्टैक्ट सेंटर इंडस्ट्री में बढ़ता दबाव और AI ऑगमेंटेशन

कॉन्टैक्ट सेंटर इंडस्ट्री में बढ़ता दबाव और AI ऑगमेंटेशन

आधुनिक बिजनेस और कस्टमर सर्विस सेगमेंट में कॉन्टैक्ट सेंटर एजेंट्स को लगातार कई जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशन्स के दौरान एजेंट्स को एक साथ मल्टीपल वर्क एप्लिकेशन्स (multiple work applications) को संभालना पड़ता है, जिससे कार्यप्रणाली जटिल हो जाती है। इसके अलावा, नियमित फ़ीडबैक और ऑनगोइंग ट्रेनिंग (lack of feedback/ongoing training) की कमी तथा फ्लेक्सिबल शेड्यूल (lack of scheduling flexibility) न होना भी एजेंट्स की कार्यक्षमता और संतुष्टि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण हैं। इन्हीं चुनौतियों के समाधान के तौर पर Verint Copilot Bots को पेश किया गया है, जो पारंपरिक CX ऑपरेशन्स को आधुनिक ऑटोमेशन और टेक्नोलॉजी की मदद से सशक्त बनाते हैं।

तकनीकी परिदृश्य में AI का उपयोग कर्मचारियों को बदलने या हटाने के लिए नहीं, बल्कि मानव एजेंट्स की क्षमताओं को बढ़ाने (empower human agents) के लिए किया जा रहा है। दोहराव वाले और समय लेने वाले कार्यों को ऑटोमेट करके AI तकनीक एजेंट्स को अधिक जटिल और संवेदनशील कस्टमर समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की सुविधा देती है।

मौजूदा वर्कफ़्लो के साथ सीमलेस इंटीग्रेशन: No Rip-and-Replace

पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंप्लीमेंटेशन की तुलना में, Verint की रणनीति मौजूदा कस्टमर एक्सपीरियंस (CX) इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से बदलने के बजाय उसमें सुधार करने पर आधारित है। कंपनी की ओर से कहा गया है: “no rip-and-replace, just seamless augmentation of existing workflows”। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि कंपनियों को अपने पुराने डेटाबेस, सर्वर या कोर एप्लिकेशन्स को हटाने या बदलने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बजाय, Verint Copilot Bots मौजूदा वर्कफ़्लो के साथ आसानी से जुड़कर परफॉरमेंस को बेहतर बनाते हैं।

कस्टमर एक्सपेक्टेशन और बिजनेस रिस्क के आंकड़े

कस्टमर बिहेवियर और सर्विस स्टैंडर्ड्स में हाल के वर्षों में बड़ा बदलाव देखा गया है। रिसर्च के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि कस्टमर एक्सपीरियंस में थोड़ा सा भी समझौता कंपनियों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है:

  • 36% कस्टमर्स: इन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक उम्मीदों (higher expectations) की बात स्वीकार की है।
  • 78% कस्टमर्स: इनका मानना है कि केवल एक खराब अनुभव (single poor experience) के बाद वे तुरंत प्रतिस्पर्धी कंपनी (competitor) के पास शिफ्ट हो जाएंगे।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कंपनियों के लिए अपने ग्राहकों को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण हो चुका है। जब एजेंट्स को AI टूल्स और रिअल-टाइम डेटा सपोर्ट द्वारा सहायता प्रदान की जाती है, तो इसका सीधा प्रभाव कस्टमर सेटिस्फैक्शन, एजेंट एट्रिशन दर में कमी और रेवेन्यू में वृद्धि के रूप में सामने आता है। इस संदर्भ में उद्योग का यह सिद्धांत काफी सटीक बैठता है: “Happy agents make happy customers.”

Verint के 5 विशिष्ट Copilot Bots की कार्यप्रणाली

Verint ने कॉन्टैक्ट सेंटर के विभिन्न चरणों और समस्याओं के समाधान के लिए 5 विशिष्ट AI बॉट्स को रेखांकित किया है:

1. Smart Transfer Bot

यह बॉट कस्टमर कॉल या चैट ट्रांसफर के दौरान सही जानकारी और कंटेंट को बिना किसी रुकावट के अगले एजेंट तक पहुँचाने का कार्य सुनिश्चित करता है, जिससे ग्राहक को अपनी समस्या बार-बार दोहराने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2. Knowledge Automation Bot

यह बॉट Generative AI तकनीक का उपयोग करता है। इसका मुख्य कार्य उत्तरों (answers) को समराइज करना और एजेंट को तुरंत सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है, जिससे सर्च में लगने वाला समय कम होता है।

3. Coaching Bot

ऑनगोइंग ट्रेनिंग और फ़ीडबैक की कमी को दूर करने के लिए यह बॉट एजेंट्स को रिअल-टाइम मार्गदर्शन और ऑन-द-जॉब कोचिंग सहायता प्रदान करता है।

4. Agent Virtual Assistant

यह वर्चुअल असिस्टेंट एजेंट के लिए एक डिजिटल सहकर्मी की तरह काम करता है, जो कई वर्क एप्लिकेशन्स के बीच नेविगेशन और रूटीन कार्यों को आसान बनाता है।

5. Wrap Up Bot

कॉल या इंटरेक्शन खत्म होने के बाद के कार्यों को संभालने के लिए यह बॉट काम आता है। यह Generative AI का इस्तेमाल करके कस्टमर इंटेंट (customer intent) और रिजॉल्यूशन डिटेल्स (resolution details) का त्वरित सारांश (summary) तैयार करता है।

Knowledge Automation और Wrap Up Bot में Generative AI की भूमिका

विशेष रूप से Knowledge Automation Bot और Wrap Up Bot में Generative AI की उन्नत क्षमताओं का उपयोग किया गया है। जनरेटिव AI मॉडल कस्टमर और एजेंट के बीच हुई लंबी बातचीत का विश्लेषण करते हैं और कुछ ही सेकंड्स में उत्तरों, कस्टमर के इरादे (intent) और समस्या समाधान के विवरण (resolution details) को समराइज कर देते हैं। इससे एजेंट को मैनुअल नोट-टेकिंग और रैप-अप वर्क से राहत मिलती है, और वे तुरंत अगली कस्टमर क्वेरी के लिए तैयार हो पाते हैं। वर्कफ़्लो में इस तरह के सुधार से 30% और 45% तक के ऑपरेशनल एफ़िशिएंसी मीट्रिक्स प्रभावित होते हैं।

बिजनेस इम्पैक्ट और इंडस्ट्री विज़न

Verint में सीनियर डायरेक्टर ऑफ कंटेंट मार्केटिंग (Senior Director of Content Marketing) हैरी रोलसन (Harry Rollason), जिनके पास मार्केटिंग क्षेत्र में एक दशक से अधिक (more than a decade of marketing experience) का अनुभव है, के अनुसार AI का प्राथमिक लक्ष्य मानव क्षमता का विस्थापन नहीं बल्कि उसका सशक्तिकरण है। जब एजेंट्स को बेहतर टूल्स, ऑटोमेटेड समरी और रिअल-टाइम कोचिंग मिलती है, तो उनका वर्क-स्ट्रेस कम होता है।

सीमाएं और अनिश्चितताएं (Limitations)

यद्यपि AI बॉट्स का उपयोग एजेंट्स की कार्यक्षमता बढ़ाने और रेवेन्यू में वृद्धि करने के लिए किया जा रहा है, परंतु उपलब्ध रिसर्च डेटा में इस बात के स्पष्ट केस स्टडीज या संख्यात्मक प्रमाण (numerical proof) उपलब्ध नहीं हैं जो यह दिखा सकें कि Verint Copilot Bots के उपयोग से एट्रिशन रेट में कितने सटीक प्रतिशत की कमी आई है या रेवेन्यू में कितनी सटीक बढ़त दर्ज की गई है। कंपनियों को अपने मौजूदा सिस्टम में इन बॉट्स का मूल्यांकन अपने आंतरिक ऑपरेशन्स के आधार पर करना होगा।

निष्कर्ष

9 अक्टूबर 2025 के अपडेट्स और रिसर्च फैक्ट्स के अनुसार, Verint Copilot Bots कॉन्टैक्ट सेंटर ऑपरेशन्स में एक व्यावहारिक और प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहे हैं। रिप्लेसमेंट के बजाय ऑगमेंटेशन (augmentation) की नीति अपनाकर ये 5 AI बॉट्स – Smart Transfer Bot, Knowledge Automation Bot, Coaching Bot, Agent Virtual Assistant और Wrap Up Bot – एजेंट्स को दैनिक तनाव से राहत प्रदान करते हैं। Generative AI के माध्यम से समरी तैयार करने और वर्कफ़्लो को सरल बनाने की यह क्षमता बढ़ती कस्टमर एक्सपेक्टेशन्स को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।