फ्रेंडशिप और वेलबीइंग का कनेक्शन: जानिए कैसे रखें रिश्ते मजबूत

आज के डिजिटल युग में जहां लोग एक-दूसरे के आमने-सामने बैठने के बजाय अपने स्मार्टफोन और अन्य टेक डिवाइस पर अधिक समय बिता रहे हैं, वहीं अकेलेपन (loneliness) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन (American Psychiatric Association) द्वारा 12 मई को प्रकाशित एक पोल के अनुसार, समाज में अकेलापन का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है। इसके अलावा, प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) के 2023 के लगभग 5,000 अमेरिकी वयस्कों के सर्वे से यह भी सामने आया कि 8 प्रतिशत लोगों के पास शून्य क्लोज फ्रेंड्स हैं।

इस स्थिति से निपटने के लिए अब बिजनेस भी सक्रिय हो गए हैं। कई कंपनियां वयस्कों के लिए समर कैंप या हजारों डॉलर खर्च होने वाले ‘फ्रेंडशिप कोचेस’ की सेवाएं ऑफर कर रही हैं। हालांकि, Boise State University में साइकोलॉजिकल साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर और फ्रेंडशिप की साइंस पर रिसर्च करने वाली जेसिका डी. एयर्स (Jessica D. Ayers) मानती हैं कि साधारण और व्यावहारिक आदतों को अपनाकर इस स्थिति को बदला जा सकता है।

क्या बदला है और क्यों रिश्ते दूर हो रहे हैं?

समय के साथ लोगों की जीवनशैली में भारी बदलाव आया है। आज के दौर में फ्रेंडशिप टूटने या दूर होने के कई मुख्य कारण देखे जा रहे हैं:

  • नए जॉब के लिए दूसरे स्टेट या शहर में शिफ्ट होना।
  • जीवन के अलग-अलग चरणों (stages of life) में पहुंच जाना।
  • केवल सोशल मीडिया पर अपडेट रहने की कोशिश करना और आमने-सामने बातचीत न होना।
  • स्मार्टफोन के बाहर एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखना भूल जाना।

जब लोग इन कारणों से एक-दूसरे से कट जाते हैं, तो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।

वेलबीइंग और सोशल फिटनेस के मुख्य लाभ

हावर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) के 88 साल लंबे चले आ रहे ‘हैप्पीनेस स्टडी’ से यह संकेत मिलता है कि एक हाई डिग्री की सोशल फिटनेस हमारे जीवन को लंबा, स्वस्थ और अधिक संतुष्ट बनाती है।

रिसर्च और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दोस्ती और सामाजिक रिश्ते बनाए रखने के निम्नलिखित बड़े फायदे हैं:

  • वेलबीइंग में सुधार होता है।
  • डिप्रेशन और अकेलापन कम होता है।
  • एंग्जायटी (चिंता) घटती है।
  • मेजर सर्जरी जैसी गंभीर मेडिकल सिचुएशंस के बाद सर्वाइवल चांसेस बढ़ जाते हैं।

ये फायदे दोनों पक्षों के लिए समान रूप से उपयोगी होते हैं, खासकर लंबे समय तक टिकने वाले और सस्टेंड रिश्तों में।

जेसिका डी. एयर्स की 3 मुख्य आदतें

बोइस स्टेट यूनिवर्सिटी की रिसर्चर जेसिका डी. एयर्स के अनुसार, यदि आप अपने दोस्तों के करीब रहना चाहते हैं और अपनी वेलबीइंग सुधारना चाहते हैं, तो आप इन तीन आदतों को अपनी रूटीन में शामिल कर सकते हैं:

1. तुरंत रीच आउट करें: जब भी कोई पुराना दोस्त अचानक आपके दिमाग में आए, तो तुरंत एक छोटा सा टेक्स्ट भेज दें जैसे, ‘Hey, thinking of you.’ इसे एक शानदार प्रैक्टिस माना गया है।
2. आंतरिक गुणों को प्राथमिकता दें: ऐसे रिश्तों को तरजीह दें जो वफादारी (loyalty) और ईमानदारी (honesty) जैसे आंतरिक गुणों पर टिके हों, न कि सिर्फ सतही (superficial) चीजों पर।
3. अपना योगदान दें (Bring something to the table): रिश्ते को जीवित रखने के लिए उचित मात्रा में समय, संसाधन और ऊर्जा का निवेश करना जरूरी है।

व्यावहारिक रणनीतियाँ और बिजनेस इम्प्लिकेशन

व्यक्तिगत स्तर पर लोग कई तरह के तरीके अपना रहे हैं। उदाहरण के लिए, एक महीने में कई वन-ऑन-वन हैंगआउट्स प्लान करना, बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए समय निकालना, पाँच से अधिक ग्रुप चैट्स में एक्टिव रहना, और साल में कम से कम एक बार अलग राज्यों में रह रहे दोस्तों से मिलने के लिए ट्रैवल करना।

इसके अलावा, बातचीत को ऑनलाइन से ऑफलाइन मोड में ले जाना भी बहुत असरदार है। आप अपने आस-पास रहने वाले दोस्तों को कॉफी शॉप पर बुला सकते हैं या उन्हें अपनी रोजमर्रा की रूटीन जैसे रनिंग errands या बच्चों के स्पोर्ट्स इवेंट्स में शामिल होने का न्यौता दे सकते हैं।

रिस्क और लिमिटेशन्स

भले ही फ्रेंडशिप को बढ़ावा देने के लिए समर कैंप और कोचिंग जैसी कमर्शियल सर्विसेज आ गई हों, लेकिन इनकी सटीक कीमत और प्रभावशीलता हर किसी के लिए अलग हो सकती है। इसके अलावा, अत्यधिक व्यस्त शेड्यूल के कारण कई बार लोग इन आदतों को नियमित रूप से फॉलो नहीं कर पाते, जिससे रिश्तों में फिर से दूरी आ सकती है।

आगे क्या देखना होगा?

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किस तरह तकनीक आधारित सोशलाइजेशन और वास्तविक मानवीय संपर्क (human connections) के बीच लोग संतुलन बिठाते हैं। जैसे-जैसे मेंटल हेल्थ और वेलबीइंग पर फोकस बढ़ रहा है, व्यक्तिगत रिश्तों को संभालने के नए और किफायती तरीके सामने आ सकते हैं।