वैश्विक बॉंड सेल-ऑफ के बीच दुनिया भर के शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख

वैश्विक स्तर पर वित्तीय बाजारों में इस समय हलचल तेज है। वैश्विक बॉंड सेल-ऑफ गहराने और अमेरिका के महत्वपूर्ण मासिक जॉब्स डेटा के जारी होने से पहले दुनिया भर के शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख दर्ज किया गया है। बॉंड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी से निवेशकों की चिंताएं बढ़ी हैं, जिसका असर सीधे तौर पर स्टॉक मार्केट पर पड़ रहा है।

शुरुआती यूरोपीय और एशियाई बाजारों का हाल

शुक्रवार को शुरुआती यूरोपीय ट्रेडिंग के दौरान बाजारों में हल्की बढ़त देखने को मिली। ब्रिटेन का FTSE 100 इंडेक्स 0.5% की बढ़त के साथ 10,485.00 पर पहुँच गया। फ्रांस का CAC 40 इंडेक्स 0.6% बढ़कर 7,883.49 पर बंद हुआ, जबकि जर्मनी का DAX 0.8% की तेजी के साथ 25,129.78 पर कारोबार कर रहा था।

इसके विपरीत, एशियाई बाजारों में मिला-जुला और सुस्त रुख रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.9% गिरकर 68,309.46 पर आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.5% बढ़कर 7,003.74 पर पहुँच गया। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में 2.6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 23,972.29 पर बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.8% चढ़कर 8,682.10 पर पहुँचा, और ताइवान का Taiex इंडेक्स 0.3% ऊपर रहा। मुख्य भूमि चीन के बाजार इस दौरान अवकाश के कारण बंद रहे।

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और बॉंड बाजार पर प्रभाव

बॉंड बाजार में जारी बिकوال (sell-off) ने वित्तीय बाजारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी का यील्ड गुरुवार को बढ़कर 5.34% पर पहुँच गया था, जो कि 2002 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके बाद शुक्रवार को यह थोड़ा घटकर लगभग 5.24% पर आ गया।

विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बढ़ते बॉंड यील्ड शेयर बाजारों पर भारी दबाव डाल रहे हैं। अधिक उधार लागत (borrowing costs) के कारण कंपनियों और स्टॉक रिटर्न पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। डेविड क्लेवेल (David Clewell) के अनुसार, इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड आगे चलकर 5% से 5.5% या 6% तक भी पहुँच सकती है।

वॉल स्ट्रीट और कमोडिटी बाजार की चाल

वॉल स्ट्रीट पर शुक्रवार को बहुत मामूली बदलाव देखे गए। S&P 500 इंडेक्स 0.2% ऊपर चढ़ा, जबकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और नैस्डैक कंपोजिट दोनों में 0.1% से भी कम की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई। ब्रेंट क्रूड 2.3% लुढ़ककर 99.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, यह दाम अभी भी फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर (लगभग 72 डॉलर प्रति बैरल) से काफी ऊपर बने हुए हैं।

करेंसी मार्केट की बात करें तो अमेरिकी डॉलर कमजोर होकर 157.63 जापानी yen पर आ गया, जो कि पहले 158.09 yen था। वहीं, यूरो मामूली मजबूती के साथ 1.1255 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, जो पहले 1.1244 डॉलर था।

बिजनेस इम्प्लिकेशन और आगामी डेटा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था का सितंबर का मासिक जॉब्स डेटा बेहद अहम माना जा रहा है। इस डेटा से फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने (interest rate hike) की संभावनाओं पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। निवेशकों और वित्तीय विश्लेषकों की निगाहें अब पूरी तरह से इस आने वाले डेटा और बॉंड यील्ड की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।