FHTA Tourism Talanoa: बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी की कीमत पर फंदा

FHTA Tourism Talanoa: आर्थिक रिकवरी और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियाँ

फिजी होटल एंड टूरिज्म एसोसिएशन (FHTA) ने अपनी एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट में देश के आर्थिक विकास और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई अहम पहलुओं पर रोशनी डाली है। FHTA Tourism Talanoa शीर्षक के तहत प्रकाशित इस आलेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि किस प्रकार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही है। इस रिपोर्ट को FHTA की CEO फैंटाशा लॉकिंगटन द्वारा तैयार किया गया है और इसे 1 अक्टूबर 2026 को Fiji Times में प्रकाशित किया गया था।

वर्तमान आर्थिक परिवेश में टूरिज्म सेक्टर फिजी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बना हुआ है। जब तक नए सेक्टर्स टूरिज्म के पैमाने तक नहीं पहुंच जाते, तब तक पर्यटन विदेशी मुद्रा, रोजगार और टैक्स रेवेन्यू का सबसे मजबूत इंजन बना रहेगा। सरकार भले ही मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर और ICT जैसे क्षेत्रों में विविधता लाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वर्तमान में टूरिज्म ही वह इंजन है जो वित्तीय बिलों का भुगतान कर रहा है और आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है।

आपदाएं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं का भटकाव

फिजी एक ऐसा देश है जो प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। यहाँ नियोजित पूंजीगत कार्य (planned capital works) लगातार चक्रवातों, बाढ़, क्षतिग्रस्त दीवारों, और पुरानी सड़कों, पुलों, पानी के पाइपों तथा नालियों जैसी अनिवार्य आपात स्थितियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते रहते हैं। जब भी कोई ऐसी प्राकृतिक आपदा आती है, तो प्रशासन और अमले को तुरंत राहत कार्यों में लगाना पड़ता है।

इन आपात स्थितियों के कारण कर्मचारियों के दल, बजट लाइनें और मंत्रालयों का ध्यान उन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और लंबे समय से नियोजित परियोजनाओं से भटक जाता है, जो देश के दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक हैं। इस प्रक्रिया में देरी से केवल प्रशासनिक कार्य ही बाधित नहीं होते, बल्कि पूरे देश को इसका आर्थिक खामियाजा भुगतना पड़ता है।

टूरिज्म-एबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व

टूरिज्म-एबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर यानी पर्यटन को बढ़ावा देने वाला बुनियादी ढांचा देश के आर्थिक रिटर्न को कई गुना बढ़ा देता है। इसमें एयरपोर्ट कॉरिडोर सड़कें, रिसॉर्ट क्षेत्रों के लिए पानी और अपशिष्ट जल प्रणालियाँ, मरीना तक पहुँच, और विश्वसनीय बिजली तथा पानी की आपूर्ति शामिल है।

सार्वजनिक पूंजी (public capital) इस बुनियादी ढांचे के प्लेटफॉर्म का निर्माण करती है, जो आगे चलकर कमरों, रेस्तरां, जहाजों, अनुभवों और रोजगार के क्षेत्र में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को अनलॉक करती है। रिपोर्ट में यह रेखांकित किया गया है कि हर एक पूरी की गई टूरिज्म-एबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट निजी निवेश को आकर्षित करती है, जिसके लिए सरकार को खुद से फंडिंग करने की आवश्यकता नहीं होती। इससे टैक्स बेस, कस्टम और वैट (VAT) कलेक्शन का दायरा भी स्वतः बढ़ता है।

प्रोजेक्ट्स में देरी और आर्थिक मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी होने से देश को उस आर्थिक मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट (economic multiplier effect) का नुकसान उठाना पड़ता है, जो परियोजना के समय पर पूरा होने के बाद मिलना चाहिए था। जब योजनाएं महीनों या वर्षों तक लटकी रहती हैं, तो न केवल लागत बढ़ती है बल्कि बाजार में नकदी का प्रवाह और रोजगार सृजन की रफ्तार भी धीमी पड़ जाती है।

मरीन टूरिज्म सेक्टर के प्रत्यक्ष खर्च (direct spend) के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं, जहाँ प्रत्यक्ष खर्च को सालाना ‘tens of millions’ के रूप में आंका जाता है। ऐसे में यदि बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा आती है, तो पूरे सेक्टर की विकास गति प्रभावित होती है।

भविष्य के लिए रणनीतिक सिफारिशें

FHTA ने अपनी रिपोर्ट के माध्यम से कुछ स्पष्ट और व्यावहारिक सिफारिशें दी हैं। इनमें वित्तपोषित परियोजनाओं के साथ स्पष्ट डिलीवरी मिलस्टोन जोड़ने, पारदर्शी प्रगति रिपोर्टिंग (transparent progress reporting) लागू करने, और केवल प्रोजेक्ट की उम्र पर निर्भर रहने के बजाय महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए सुरक्षा या रणनीतिक प्राथमिकता (strategic prioritization) का एक रूप अपनाने की मांग की गई है।

इन उपायों से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी और निजी संसाधनों का सही उपयोग हो सके और देश की आर्थिक रिकवरी की गति बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रहे। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन नीतिगत सुझावों को किस प्रकार धरातल पर उतारा जाता है और क्या प्रशासनिक तंत्र आपदा प्रबंधन के साथ-साथ विकास कार्यों में संतुलन बिठाने में सफल होता है या नहीं।