भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता ‘लगभग पूरा’ हो चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अब समझौते की अंतिम कानूनी बारीकियों और विवरणों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 के दौरान सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता हमेशा की तरह मजबूत है और यह साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक मंच की दिशा तय करेगी।
व्यापार समझौता अंतिम चरण में
सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि दोनों देशों की वार्ता टीमें इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। समझौते के मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद अब केवल अंतिम कानूनी दस्तावेजों को तैयार किया जा रहा है।
इसके साथ ही सर्जियो गोर ने वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते कद और प्रभाव की सराहना की। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े कुछ विवादों को भी खारिज करते हुए कहा कि दोनों देश एक मजबूत भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
अक्टूबर में मार्को रुबियो का भारत दौरा
इस व्यापार समझौते की प्रगति के बीच कूटनीतिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर के अनुसार, मार्को रुबियो अक्टूबर में भारत का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे के दौरान व्यापारिक और रणनीतिक मुद्दों पर आगे चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, रुबियो के हवाले से यह बात भी सामने आई है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2027 में भारत का दौरा करने की संभावना है।
वैश्विक मामलों में भारत की भूमिका
भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंधों पर दुनिया भर के नेताओं की नजर है। ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम के इतर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी भारत के वैश्विक प्रभाव का जिक्र किया। बोरिस जॉनसन ने कहा कि भारत ईरान के मामले में अमेरिका को राह दिखाने और रणनीतिक समाधान तलाशने में मदद कर सकता है।
भारत और अमेरिका के बीच अंतिम चरण में पहुंचा यह व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।