डिफेंस स्पेंडिंग रिव्यू पर एंडी बर्बरम पर ‘डीदरिंग एंड डिले’ के आरोप

ब्रिटेन की राजनीति में इन दिनों रक्षा और वित्त पोषण के मुद्दों पर जबरदस्त हलचल मची हुई है। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि प्रधानमंत्री एंडी बर्बरम डिफेंस स्पेंडिंग रिव्यू को अगले साल यानी अक्टूबर तक के लिए आगे बढ़ा रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों ने सरकार पर कड़े सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।

क्या बदला है और विवाद की वजह क्या है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, द टाइम्स को एक व्हाइटहॉल सूत्र ने बताया कि डिफेंस स्पेंडिंग रिव्यू को अगले साल अक्टूबर तक धकेले जाने की ‘वर्किंग असम्पशन’ यानी कार्यिकीय धारणा है। इस संभावित देरी को लेकर कंजर्वेटिव पार्टी ने प्रधानमंत्री एंडी बर्बरम पर कड़ा प्रहार किया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार कड़े और महत्वपूर्ण वित्तीय फैसलों से बचने के लिए लगातार देरी और टालमटोल (डिफेंस स्पेंडिंग रिव्यू) की नीति अपना रही है।

कंजर्वेटिव डिफेंस स्पोक्समैन जेम्स कार्टलिज ने दावा किया है कि एंडी बर्बरम बिना किसी ठोस योजना के सत्ता में आए थे और अब वे बड़े मुद्दों से भागते हुए चुनावों के बाद तक फैसलों को टाल रहे हैं। दूसरी ओर, ट्रेजरी के एक प्रवक्ता ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि रिव्यू की कोई आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं की गई है और इस तरह की खबरें मात्र अफवाह और अटकलें हैं।

बिजनेस और सेक्टर इम्प्लिकेशन

डिफेंस सेक्टर और नेशनल फाइनेंस के लिहाज से यह समय बेहद संवेदनशील है। कंजर्वेटिव पार्टी ने पहले £10 बिलियन की लागत वाले ‘ब्रिटेनिया शील्ड’ नामक एक एयर डिफेंस सिस्टम की योजना पेश की थी। वहीं, बर्मिंघम में कंजर्वेटिव पार्टी के सम्मेलन को संबोधित करते हुए इतिहासकार सर निएल फर्ग्यूसन ने चेतावनी दी थी कि ब्रिटेन के पास रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ पर्याप्त एयर डिफेंस क्षमता का अभाव है।

इसके अलावा, लेबर पार्टी की ओर से सैन्य खर्च को जीडीपी के 3 प्रतिशत और 2035 तक 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करने का संकल्प लिया गया है। हालांकि, जून के महीने में डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान (DIP) को फंड करने में Sir Keir Starmer की विफलता के चलते जॉन हीली ने डिफेंस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा दे दिया था।

राजनीतिक बयानबाजी और जोखिम

इस पूरे घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। रिफॉर्म यूके के रॉबर्ट जेन्विक ने दावा किया है कि लेबर पार्टी किसी शुरुआती चुनाव की साजिश रच रही है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे सशस्त्र बलों को फंड करने के लिए बेनेफिट्स बिल में कटौती करेंगे।

डिफेंस सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने पलटवार करते हुए कंजर्वेटिव्स पर निशाना साधा और दावा किया कि उन्होंने सेना को नेपोलियन के समय से अपने सबसे छोटे आकार तक ला दिया है। वहीं, शैडो फॉरेन सेक्रेटरी टॉम टुगेंडहाट ने यह खुलासा किया कि यूक्रेन में रूस की ओर से लड़ने वाले 15 ब्रिटिश नागरिकों की पहचान की गई है। उन्होंने इसे एक बेहद गंभीर अपराध करार देते हुए कहा कि यदि वे लौटते हैं तो उन्हें निश्चित रूप से सजा दी जाएगी।

आगे क्या देखना बाकी है?

द डेली मेल द्वारा ‘डोंट लीव ब्रिटेन डिफेंसेलेस’ नामक एक अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें अधिक सैन्य फंडिंग की पुरजोर मांग की जा रही है। वर्तमान में डिफेंस स्पेंडिंग रिव्यू की आधिकारिक समय-सीमा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार और रक्षा विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि सरकार आने वाले दिनों में बजट और सैन्य आधुनिकीकरण के मोर्चे पर क्या ठोस कदम उठाती है।