कॉट्रैक्ट एआई का मूल्यांकन कैसे करें

परिचय

आधुनिक तकनीक और बिजनेस जगत में एआई (AI) टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कानूनी दस्तावेजों और अनुबंधों की समीक्षा के लिए कॉन्ट्रैक्ट एआई का उपयोग करने वाली कंपनियों के सामने यह चुनौती रहती है कि बदलते नियमों और अधूरे साक्ष्यों के बीच सिस्टम कितना सटीक परिणाम देता है। इस लेख में हम जानेंगे कि कॉन्ट्रैक्ट एआई का मूल्यांकन कैसे किया जा सकता है, और इसके लिए किस प्रकार के परीक्षण किए गए हैं।

परीक्षण की रूपरेखा और सिंथेटिक अनुबंध

कॉन्ट्रैक्ट एआई की कार्यप्रणाली को परखने के लिए 12 सिंथेटिक कॉन्ट्रैक्ट फैमिली तैयार की गईं। प्रत्येक फैमिली के लिए दो सवाल बनाए गए, जिससे स्पष्ट और ट्रैसेबल सबूत मिल सकें। इस शिक्षण पैक में कुल 36 सोर्स डॉक्यूमेंट और 24 सवाल शामिल थे, जिनमें आविष्कार किए गए कॉन्ट्रैक्ट नियमों का उपयोग किया गया था।

उपयोगी कॉन्ट्रैक्ट एआई वह माना जाता है जो किसी क्लॉज (clause) को सही सर्विस, तारीख और डॉक्यूमेंट स्टेटस से जोड़ सके। एक ऐसा सिस्टम जो हमेशा केवल नवीनतम दस्तावेज या हमेशा साइन किए गए संशोधन को चुनता है, वह विशिष्ट और कंडीशनल सवालों के जवाब देने में असफल हो सकता है। इस दिशा में FiscalQA Pro अध्ययन फ्रांसीसी कर कानून में तारीख के अनुसार प्रासंगिक संस्करणों के पुनर्प्राप्ति का अध्ययन करता है, जबकि TIDE सीमा शुल्क उपकरणों में समय के साथ विकसित होने वाले दस्तावेजों और संशोधन समयसीमा की जांच करता है।

ब्राउज़र पायलट परीक्षण और एप्‍लिकेशन्स की भूमिका

20 सितंबर 2026 को जनरल-पर्पस ChatGPT और Gemini ब्राउज़र एप्‍लिकेशन्स पर एक प्रारंभिक ब्राउज़र पायलट आयोजित किया गया था। इस दौरान 24 सवालों को एक-एक बार सबमिट किया गया, जिससे कुल 48 पूरी की गई प्रतिक्रियाएं (responses) प्राप्त हुईं।

परीक्षण के दौरान यह देखा गया कि ChatGPT ने हाई एफर्ट का उपयोग किया और ताज़ा चैट में शुरुआती GPT-5.6 Sol चयन वापस Latest पर आ गया, जबकि Gemini ने Pro प्रदर्शित किया, जिसमें इसके मोड मेनू में 3.1 Pro दिखाई दे रहा था।

एआई-असिस्टेड समीक्षा के मुख्य परिणाम

एआई-असिस्टेड समीक्षा से यह पता चला कि दोनों ऐप्स की सभी 24 प्रतिक्रियाओं में अपेक्षित मूल निष्कर्ष (substantive conclusion) प्राप्त हुआ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि किसी भी ऐप ने अपनी तरफ से कोई झूठी या काल्पनिक क्लॉज आईडी (clause ID) उद्धृत नहीं की।

कमियां और जोखिम: अधूरा हस्ताक्षर मामला

मिसिंग-सिग्नेचर केस (F12.Q01) के मामले में दोनों ऐप्स का व्यवहार दिलचस्प रहा। ChatGPT और Gemini दोनों ने अपनी व्याख्याओं में अधूरे साक्ष्य को पहचाना और निष्पादन साक्ष्य (execution evidence) की मांग की। हालांकि, तकनीकी रूप से ChatGPT ने null मान के साथ ‘answer’ का ‘decision’ लौटाया, जबकि Gemini ने ‘insufficient_evidence’ का ‘decision’ दिया।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उत्तर कुंजी अभी अनंतिम (provisional) बनी हुई है, और पायलट के तरीके तथा सीमाएं इसके निष्कर्षों के साथ ही मौजूद हैं। इसके अलावा, ये निष्कर्ष Sirion का मूल्यांकन नहीं करते हैं और न ही उत्पादन विश्वसनीयता (production reliability) स्थापित करते हैं। न तो इस कुंजी और न ही स्कोरिंग को किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ की मंजूरी (sign-off) प्राप्त है।

व्यापार और सेक्टर पर प्रभाव

व्यवसाय और वित्तीय क्षेत्रों में जहां अनुबंधों की समीक्षा महत्वपूर्ण होती है, वहां एआई टूल्स की विश्वसनीयता का परीक्षण करना आवश्यक है। बदलते नियमों और अधूरे डेटा के साथ काम करते समय यह जरूरी है कि सिस्टम केवल नवीनतम फाइल चुनने के बजाय संदर्भ को समझे। हालांकि वर्तमान एआई मॉडल बुनियादी निष्कर्ष निकालने में सक्षम हैं, फिर भी उनकी सीमाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

आगे क्या देखना है

भविष्य में कॉट्रैक्ट एआई के विकास के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या स्वतंत्र विशेषज्ञ इन परीक्षण प्रणालियों को औपचारिक मान्यता देते हैं या नहीं। इसके अलावा, विभिन्न एप्‍लिकेशन्स में वर्जन कंट्रोल और अधूरे दस्तावेजों को संभालने की क्षमता में किस तरह के सुधार होते हैं, इस पर भी तकनीकी विशेषज्ञों की नजर रहेगी।