Strait of Hormuz से गुजरने वाले commercial vessels और tankers पर हाल ही में हमलों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। मैरीटाइम सिक्योरिटी सोर्सेज के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से यह किसी भी एक सप्ताह में हुए हमलों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस स्थिति ने global shipping, energy supply chains और international trade के सामने बड़े जोखिम खड़े कर दिए हैं। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि इन घटनाओं के पीछे क्या facts हैं, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों का क्या कहना है और business और supply sector पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है।
क्या बदला है?
मैरीटाइम सिक्योरिटी सोर्सेज से मिली जानकारी के अनुसार, सितंबर 28 से अक्टूबर 5 के सप्ताह के दौरान Strait of Hormuz के आसपास oil, liquefied natural gas (LNG), और liquefied petroleum gas (LPG) के tankers पर कम से कम 12 attacks दर्ज किए गए। यह आंकड़ा ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से किसी भी सप्ताह में सबसे अधिक है।
वहीं दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र की shipping agency यानी International Maritime Organization (IMO) के डेटा में इसी सप्ताह (सितंबर 28-October 5) के दौरान vessels से जुड़े नौ incidents दर्ज किए गए। IMO के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि से पहले सबसे अधिक घटनाओं वाला सप्ताह 13 जुलाई का था, जिसमें आठ incidents रिकॉर्ड किए गए थे।
मुख्य कारण और विवादित दावे
इस दौरान कई जहाजों को निशाना बनाए जाने और सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की पुष्टि विभिन्न स्रोतों द्वारा की गई है:
- El Gaia का मामला: Iran’s Revolutionary Guard ने दावा किया कि टैंकर ‘El Gaia’ को Strait of Hormuz के दक्षिण में एक prohibited zone से गुजरते समय sea mines द्वारा हिट किया गया था।
- U.S. military का पक्ष: दूसरी ओर, U.S. military ने इस दावे का खंडन किया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह vessel पिछले महीने एक Iranian missile की चपेट में आया था और तभी से inoperable हो गया था।
- JMIC की रिपोर्ट: US Navy के नेतृत्व वाले Joint Maritime Information Center (JMIC) ने नोट किया है कि Iran’s Revolutionary Guards द्वारा drone overflights, surveillance, और VHF radio hailing जैसी harassment activity लगातार जारी हैं।
बिज़नेस और सेक्टर पर प्रभाव
इस क्षेत्र में लगातार हो रही गतिविधियों का सीधा असर international finance और energy markets पर पड़ रहा है। Gulf oil exporters ने सितंबर के लगभग आधे हिस्से में pre-war के स्तर को पार कर लिया था, लेकिन इस तरह के लगातार हमलों और सुरक्षा चिंताओं के कारण supply chain की स्थिरता खतरे में पड़ गई है।
US Navy-led Joint Maritime Information Center (JMIC) के अनुसार, ये हरकतें इस बात को दर्शाती हैं कि ईरान का मुख्य उद्देश्य प्रमुख transit lanes पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना और transiting vessels पर दबाव बनाए रखना है।
भारत और अन्य देशों के लिए जोखिम
इन हमलों की चपेट में केवल बड़े energy carriers ही नहीं, बल्कि अन्य commercial vessels भी आए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय (foreign ministry) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, Panama-flagged oil tanker ‘On Peace’ जब Strait of Hormuz से गुजर रहा था, तब एक unknown projectile लगने से उसके 12 crew members घायल हो गए। इस तरह की घटनाएं regional stability के साथ-साथ crew safety के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।
जोखिम और सीमाएं
इस पूरी स्थिति का विश्लेषण करते समय डेटा में कुछ विसंगतियां भी सामने आई हैं:
- डेटा में अंतर: वास्तविक समय (real-time data) के आधार पर काम करने वाले तीन maritime security sources ने 12 attacks दर्ज किए, जबकि UN के IMO डेटा में इसी अवधि में नौ incidents दर्ज किए गए। यह अंतर verification और recording times के कारण हो सकता है।
- सटीक कारणों की अनिश्चितता: कुछ घटनाओं, जैसे El Gaia पर हुए हमले के समय और सटीक कारण को लेकर Iran’s Revolutionary Guard और U.S. military के बयानों में विरोधाभास है।
आगे क्या देखना होगा?
आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि international maritime organizations और global navies Strait of Hormuz से गुजरने वाले tankers की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाती हैं। ऊर्जा आयात करने वाले देशों, विशेष रूप से Asian economies के लिए, इन transit routes पर होने वाला हर एक बदलाव सीधे तौर पर energy security को प्रभावित करता है।
