Corning stock 2026: जानिए कैसे यह पुरानी ग्लास कंपनी Nvidia को दे रही है टक्कर

टेक्नोलॉजी और फाइनेंस सेक्टर में हमेशा नए ट्रेंड्स आते रहते हैं। साल 2026 में मार्केट का ध्यान एक ऐसी कंपनी पर गया है जो सदियों पुरानी होने के बावजूद आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ बन चुकी है। Corning stock ने इस साल निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, और यह मार्केट में चर्चा का विषय बन गया है।

AI और डेटा सेंटर के दौर में चिप्स बनाने वाली कंपनियां सबसे आगे रही हैं, लेकिन उनके साथ काम करने वाले हार्डवेयर और केबलिंग सेक्टर में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे यह स्टॉक मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है।

क्या बदला है?

ट्रेडिशनल डेटा सेंटर आर्किटेक्चर में कॉपर केबल्स का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता था। उदाहरण के लिए, Nvidia के एक सामान्य NVLink 72 डेटा सेंटर रैक में 72 GPUs, 36 CPUs और लगभग दो मील लंबी कॉपर केबल्स होती हैं। हालांकि, जैसे-जैसे AI क्लस्टर्स का आकार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डेटा ट्रांसमिशन की गति और एनर्जी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए फाइबर-ऑप्टिकल केबल्स की ओर एक बड़ा शिफ्ट देखा जा रहा है।

175 साल पुरानी ग्लास मैन्युफैक्चरर कंपनी कॉर्निग (Corning) ने इस बदलाव को समय पर भांप लिया। थॉमस एडिसन के 1879 के ओरिजिनल लाइटबुल के लिए ग्लास सप्लाई करने वाली और आज Apple के iPhones के लिए ग्लास बनाने वाली इस कंपनी ने ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट्स का एक नया पोर्टफोलियो तैयार किया है। इसे GlassWorks AI Solutions ब्रांड नाम दिया गया है, जिसमें Multicore Fiber (MCF) जैसी तकनीक शामिल है जो एक सिंगल 125-मिक्रॉन स्ट्रैंड में चार कोर पैक करती है।

मुख्य लाभ और तकनीक

Corning द्वारा विकसित की गई MCF तकनीक पारंपरिक फाइबर-ऑप्टिकल केबल की तुलना में चार गुना अधिक घनी (dense) है। इससे ऑपरेटरों को 75% कम केबल्स के साथ वही परफॉर्मेंस हासिल करने में मदद मिलती है।

जब 130,000 या उससे अधिक GPUs के क्लस्टर्स बनाए जाते हैं, तो उनके लिए एक अतिरिक्त ऑप्टिकल लेयर की जरूरत होती है जिसमें लगभग 50% अधिक फाइबर कंटेंट लगता है। इस हाई डिमांड के चलते कंपनी को तेज डेटा ट्रांसमिशन और बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी के मोर्चे पर बड़ा फायदा मिल रहा है।

वित्तीय आंकड़े और बिजनेस इम्प्लिकेशन

वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत आंकड़े दर्ज किए हैं। 30 जून 2026 को समाप्त हुए पहली छमाही (first half) में Corning ने $9.1 बिलियन का कोर रेवेन्यू जनरेट किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18% अधिक है।

  • ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस सेगमेंट: इस सेगमेंट ने पहली छमाही में $3.9 बिलियन का रेवेन्यू दिया, जो 34% की दर से बढ़ रहा है। Q2 में AI से जुड़ा सेल्स डेटा लगभग दोगुना हो गया।
  • नेट इनकम: इस बिजनेस ने पहली छमाही में $825 मिलियन का नेट इनकम दिया, जो साल-दर-साल 84% की वृद्धि को दर्शाता है।

कंपनी का अनुमान है कि AI से जुड़ी डिमांड के कारण साल 2026 के अंत तक रेवेन्यू $20 बिलियन, 2028 के अंत तक $30 बिलियन और 2030 के अंत तक $40 बिलियन तक पहुंच सकता है।

Meta और Amazon के साथ बड़े सौदे

Corning ने कई प्रमुख AI कंपनियों के साथ साझेदारी की है। कंपनी Nvidia के साथ-साथ Meta Platforms और Amazon के साथ मिलकर काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, Meta और Amazon के साथ हुए सौदे आने वाले कुछ सालों में प्रत्येक लगभग $6 बिलियन तक के हो सकते हैं।

बाजार में प्रदर्शन और वैल्यूएशन

मार्केट परफॉर्मेंस की बात करें तो 5 अक्टूबर 2026 तक Corning stock में इस साल 82% की शानदार तेजी आई है, जबकि इसी अवधि में Nvidia का स्टॉक 28% बढ़ा है। याद रहे कि साल 2023 की शुरुआत से Nvidia का मार्केट कैपिटलाइजेशन $360 बिलियन से बढ़कर $5.8 ट्रिलियन हो गया है।

पॉजिटिव मोमेंटम के साथ ही वैल्यूएशन पर भी गौर करना जरूरी है। पिछले चार तिमाहियों (जून 30 तक) में Corning ने $2.87 प्रति शेयर का एडजस्टेड (non-GAAP) अर्निंग डिलीवर किया है, जिसके परिणामस्वरूप इसका P/E रेश्यो 55.5 है (जबकि Nvidia का P/E रेश्यो 30.2 है)।

जोखिम या सीमाएं

हर टेक्नोलॉजी निवेश की तरह इसमें भी कुछ जोखिम या सीमाएं जुड़ी हैं। उच्च वैल्यूएशन (55.5 का P/E रेश्यो) के कारण निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा, यदि व्यापक बाजार (broader market) में किसी प्रकार का करेक्शन आता है, तो स्टॉक कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, हाई डिमांड के कारण कंपनी के पास कीमतें तय करने की क्षमता (pricing power) है, जो इसके प्रॉफिट मार्जिन के लिए एक बड़ा सपोर्ट है।

आगे क्या देखना चाहिए?

आने वाले समय में निवेशकों और टेक एनालिस्ट्स को यह देखना होगा कि क्या Corning अपने 2030 के $40 बिलियन रेवेन्यू टारगेट को हासिल कर पाती है या नहीं। AI डेटा सेंटर मार्केट में कॉपर से फाइबर की ओर होने वाला यह बदलाव आने वाले महीनों में सेक्टर की दिशा तय करेगा।