एनर्जी सेक्टर में तकनीकी और व्यावसायिक नेतृत्व को मान्यता देते हुए, पावर (POWER) ने ब्लूम एनर्जी के संस्थापक, चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केआर श्रीधर को अपने प्रतिष्ठित 2026 एक्जीक्यूटिव लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान वितरित (distributed) और ऑन-साइट पावर को आगे बढ़ाने में उनके लगभग 25 वर्षों के निरंतर नेतृत्व के लिए दिया गया है, जिसने विशेष रूप से डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बिजली मांग को पूरा करने के लिए ब्लूम एनर्जी को एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है।
##what changed: एआई और डेटा सेंटर की ऊर्जा मांग
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अभूतपूर्व विस्तार ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा योजना और बुनियादी ढाँचे को बदल कर रख दिया है। साल 2025 तक स्थिति यह हो गई थी कि डेवलपर्स यूटिलिटी कंपनियों द्वारा साइटों को ऊर्जावान बनाने की तुलना में अधिक तेजी से पूंजी जुटा सकते थे, चिप्स सुरक्षित कर सकते थे और परिसरों की योजना बना सकते थे। ऐसे समय में, केआर श्रीधर के नेतृत्व में ब्लूम एनर्जी ने सॉलिड ऑक्साइड फ्यूल सेल तकनीक के माध्यम से ऑन-साइट पावर समाधान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
##केआर श्रीधर की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि
केआर श्रीधर की यह यात्रा अकादमिक दुनिया से होते हुए उद्योग जगत तक पहुँची है। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ इलिनोइस एट अर्बना-शैंपेन से न्यूक्लियर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट डिग्री हासिल की।
ब्लूम एनर्जी (मूल रूप से Ion America) की सह-स्थापना 2001 में करने से पहले, श्रीधर यूनिवर्सिटी ऑफ़ एरिज़ोना में स्पेस टेक्नोलॉजीज लैबोरेटरी का निर्देशन करते थे। वहाँ उन्होंने मंगल ग्रह पर मानव जीवन को बनाए रखने वाली प्रणालियों पर नासा (NASA) द्वारा वित्त पोषित कार्य का नेतृत्व किया था।
##ब्लूम एनर्जी की स्थापना से लेकर वैश्विक विस्तार तक का सफर
केआर श्रीधर ने एक स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ इस कंपनी की नींव रखी थी। उन्होंने कहा था, “मैंने ब्लूम को इस दृढ़ विश्वास के साथ स्थापित किया था कि दुनिया को ऊर्जा देने और डिजिटल परिवर्तन लाने के लिए ऑन-साइट पावर आवश्यक होगी।”
कंपनी के सफर में कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर शामिल हैं:
- 2006: ब्लूम ने अपनी पहली 5-kW फील्ड ट्रायल यूनिट टेनेसी यूनिवर्सिटी (चैटanooga) को भेजी।
- 2008: ब्लूम एनर्जी सर्वर का कमर्शियल लॉन्च किया गया।
- 2011: कंपनी ने अपना पहला माइक्रोग्रिड पूरा किया।
- 2012: डेलावेयर में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार किया गया।
- 2013: सॉफ्टबैंक के साथ जापान में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट डिलीवर किया।
- 2016: कनेक्टिकट के हार्टफोर्ड में एक सामुदायिक माइक्रोग्रिड तैनात किया गया।
- 2018: कंपनी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर सार्वजनिक (public) हुई। इसके पांच साल के भीतर ही फ्रेमोंट, कैलिफोर्निया में एक गीगावॉट-स्केल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी खोली गई।
##business implications: बड़े टेक दिग्गजों के साथ रणनीतिक समझौते
हाल के वर्षों में ब्लूम एनर्जी के व्यावसायिक विस्तार में भारी तेजी आई है, खासकर डेटा सेंटर और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में।
- इक्विनिक्स (Equinix): फरवरी 2025 तक इक्विटिक्स के साथ समझौता छह राज्यों में 19 डेटा सेंटर तक फैल गया, जिसमें लगभग 75 MW ऑपरेटिंग और 30 MW निर्माण अधीन था। यह सिलिकॉन वैली में 2015 के 1-MW पायलट से काफी आगे की छलांग थी।
- ओरेकल (Oracle): जुलाई 2025 में ओरेकल ने चुनिंदा क्लाउड साइटों पर ब्लूम फ्यूल सेल का उपयोग करने पर सहमति व्यक्त की, क्योंकि ब्लूम ने 55 दिनों के भीतर ओरेकल डेटा सेंटर के लिए बिजली की आपूर्ति कर दी थी। अप्रैल 2026 में इसे बढ़ाकर 2.8 GW तक के मास्टर समझौते में बदल दिया गया, जिसमें शुरुआती 1.2-GW डिप्लॉयमेंट शामिल है।
- ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट (Brookfield Asset Management): अक्टूबर 2025 में ब्रुकफील्ड ने ब्लूम उपकरणों के आसपास निर्मित एआई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए 5 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता जताई और जून 2026 में इसे बढ़ाकर 25 अरब डॉलर कर दिया।
##कंपनी का दृष्टिकोण और भविष्य की दिशा
केआर श्रीधर का मानना है कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के लिए घर्षण (friction) को दूर करने वाला सबसे अच्छा ऑन-साइट पावर समाधान प्रदान करना है। उन्होंने कहा है कि उनके समाधान साफ, विश्वसनीय, तेज और किफायती हैं, जहाँ ग्राहकों को कोई समझौता नहीं करना पड़ता।
कंपनी के भीतर हर निर्णय के बारे में उनका कहना है, “जब भी हम कंपनी में कोई निर्णय लेते हैं, तो मैं पूछता हूँ, ‘क्या यह हमें उस मिशन स्टेटमेंट के करीब ले जाएगा या यह केवल हाशिये पर खेल रहा है?”‘
इस 2026 एक्जीक्यूटिव लीडरशिप अवार्ड के साथ, उद्योग ने न केवल श्रीधर के व्यक्तिगत योगदान को मान्यता दी है, बल्कि भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए वितरित और ऑन-साइट पावर की बढ़ती अनिवार्यता पर भी मुहर लगाई है।
