भारत के प्रमुख उद्योग संघ FICCI के अध्यक्ष अनंत गोएंका ने हाल ही में भारत टुडे के BRICS राउंडटेबल में भाग लेकर व्यापार, प्रौद्योगिकी और नई संभावनाओं पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। इस कार्यक्रम का आयोजन Aaj Tak और India Today Global ने मिलकर किया था, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
BRICS राउंडटेबल का पृष्ठभूमि
Business Today के अनुसार, BRICS (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ़्रीका) के इस वर्ष के राउंडटेबल में भारत ने अपनी अध्यक्षता संभाली है। इस मंच पर, अनंत गोएंका ने भारत के लिए व्यापारिक और तकनीकी रणनीतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच नए सहयोग के रास्ते खोलना और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करना था।
भारत का व्यापारिक दृष्टिकोण
India Today के लेख में गोएंका ने कहा कि “भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच एक ‘ओएसिस’ है।” उन्होंने बताया कि भारत की निर्यात नीति और निवेश माहौल को सुदृढ़ करने के लिए नई पहलें चल रही हैं। इस संदर्भ में, दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को एक नया व्यापार ढांचा पेश किया, जैसा कि EIN News ने रिपोर्ट किया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
प्रौद्योगिकी और नवाचार
अनंत गोएंका ने तकनीकी क्षेत्र में भारत की प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि FICCI की पहल के तहत भारतीय स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक संसाधन और नेटवर्क मिल रहे हैं। SiliconIndia के अनुसार, FICCI की एक टीम ने भारत-चीन आर्थिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल व्यापार में वृद्धि हुई है।
नए अवसर और चुनौतियाँ
Fibre2Fashion के रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मंत्री गोयल ने BRICS के भीतर महिलाओं द्वारा संचालित निर्यातकों के लिए एक नया ढांचा प्रस्तावित किया है। यह पहल महिलाओं के उद्यमियों को वैश्विक बाजार में प्रवेश करने में मदद करेगी। गोएंका ने इस पहल को स्वीकार किया और कहा कि भारत को विविधता को अपनी ताकत में बदलना चाहिए, जैसा कि The Economic Times ने BRICS के क्रॉसरोड पर भारत के नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला।
इन सभी चर्चाओं के बीच, अनंत गोएंका ने यह भी बताया कि भारत की नई व्यापारिक नीतियाँ और प्रौद्योगिकी निवेश से “India Inc” को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना संभव होगा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी विविधता को एक रणनीतिक लाभ में बदलना चाहिए, ताकि BRICS के भीतर और बाहर दोनों जगह व्यापार और निवेश के नए अवसर खुल सकें।
सारांश
अनंत गोएंका के BRICS राउंडटेबल में दिए गए विचारों से स्पष्ट है कि भारत वैश्विक व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है। व्यापारिक नीतियों, महिलाओं के उद्यमियों के समर्थन और भारत-चीन सहयोग को बढ़ावा देने वाली पहलें इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। BRICS के भीतर भारत की अध्यक्षता इस बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।
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मूल स्रोत: Business Today