AssamSAT: अपना सैटेलाइट लॉन्च करने वाला पहला राज्य बनेगा असम, जानें क्यों है इसकी जरूरत

असम भारत का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो अपना खुद का सैटेलाइट सिस्टम लॉन्च करेगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को ‘AssamSAT’ नाम दिया गया है। असम सरकार ने इसके लिए अपनी स्पेस टेक पॉलिसी तैयार की है और अब सैटेलाइट के निर्माण के लिए प्राइवेट पार्टनर्स के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। AssamSAT satellite project से जुड़ी यह जानकारी इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

AssamSAT satellite project: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

बाढ़ और बॉर्डर मॉनिटरिंग में मिलेगी मदद

असम में हर साल आने वाली बाढ़ एक बड़ी चुनौती रही है। AssamSAT का मुख्य उद्देश्य बाढ़ की स्थिति पर नजर रखना और फ्लड मैनेजमेंट की योजनाओं को बेहतर बनाना है। इसके अलावा, इस सैटेलाइट का इस्तेमाल राज्य की सीमाओं की निगरानी (border monitoring) और कृषि (agriculture) क्षेत्र को डेटा-आधारित सहायता देने के लिए किया जाएगा।

ISRO, IN-SPACe और ASSAC की भूमिका

इस प्रोजेक्ट को आकार देने के लिए असम सरकार ISRO (Indian Space Research Organisation) के साथ लगातार संपर्क में है। इस मिशन में Assam State Space Application Centre (ASSAC) और IN-SPACe की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। ये संस्थाएं स्पेस टेक्नोलॉजी और प्राइवेट कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करने में मदद कर रही हैं।

प्राइवेट पार्टनर्स के चुनाव की प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री के अनुसार, सैटेलाइट बनाने के लिए पार्टनर चुनने का काम अंतिम दौर में है और इसके लिए टेंडर भी फ्लोट किए जा चुके हैं। AssamSAT प्रोजेक्ट 2026 के तहत प्राइवेट स्पेस कंपनियों को शामिल करके इस पूरे सिस्टम को तैयार करने की योजना है।

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मूल स्रोत: CNBC TV18

आगे क्या हो सकता है?

इस घटनाक्रम के अगले चरण पर उद्योग, उपभोक्ताओं और संबंधित संस्थानों की नजर रहेगी। AssamSAT satellite project से जुड़े फैसले आने वाले समय में तकनीक, बाजार और व्यापक नीति पर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नए बदलाव को उसके व्यावहारिक प्रभाव, लागत, सुरक्षा और दीर्घकालिक संभावनाओं के आधार पर देखना जरूरी होगा।