विदेशी स्टाफ वीजा पर सरकारी खर्च

भूमिका: विदेशी स्टाफ वीजा पर खर्च का मामला

हालिया सरकारी पारदर्शिता आंकड़ों से सामने आया है कि लेबर पार्टी के 2024 में सत्ता संभालने के बाद से ब्रिटिश सरकार ने विदेशी कर्मचारियों के लिए 1,500 से अधिक वीजा पर कम से कम 5 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। इस मामले में मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस (Ministry of Justice) और डिपार्टमेंट फॉर वर्क एंड Pensions (DWP) सबसे बड़े खर्च करने वाले विभाग रहे हैं।

इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि विभिन्न विभागों ने इस प्रक्रिया के तहत कितना खर्च किया है और इस पर किस तरह की राजनीतिक व सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

विभिन्न विभागों का खर्च और आंकड़े

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस (MoJ) ने जुलाई 2024 से लेकर 2025 के अंत के बीच UK Visas and Immigration को 500 से अधिक वीजा के लिए 1.2 मिलियन पाउंड का भुगतान किया। इसके बाद 2026 के पहले पांच महीनों में MoJ ने 500 और वीजा पर 2 मिलियन पाउंड का अतिरिक्त खर्च किया।

इसके अतिरिक्त, डिपार्टमेंट फॉर वर्क एंड पेंशंस (DWP) ने चुनाव के बाद से 330 स्पॉन्सरशिप फीस को कवर किया है, जिस पर 1 मिलियन पाउंड की लागत आई है। HM Revenue & Customs ने 150 विदेशी कर्मचारियों पर 500,000 पाउंड से अधिक खर्च किए हैं, जबकि Attorney General’s Office ने ‘सरकारी वकीलों’ के लिए 55 वीजा पर 200,000 पाउंड का भुगतान किया है। डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड सोशल केयर (DHSC), डिपार्टमेंट फॉर एजुकेशन और डिपार्टमेंट फॉर ट्रांसपोर्ट ने भी डेटा प्रकाशित किया है कि वे प्रवासी श्रमिकों के वीजा के लिए भुगतान कर रहे हैं।

मंत्रालय के कदम और स्टाफ की स्थिति

MoJ के अंतर्गत लगभग 80,000 लोग कार्यरत हैं, जिनमें एक छोटा हिस्सा गैर-यूके नागरिकों का है। विभाग एक स्पॉन्सरशिप लाइसेंस धारक के रूप में कुछ होम ऑफिस फीस का भुगतान करता है, लेकिन व्यक्तियों के वीजा आवेदन की लागत को सीधे तौर पर वित्तपोषित नहीं करता है। इसके अलावा, पिछले साल स्टाफ संकट से बचने और ब्रिटेन में रहने में मदद करने के लिए मंत्रियों ने सैकड़ों पश्चिम अफ्रीकी प्रिजन ऑफिसर्स को आव्रजन नियमों से छूट दी थी।

व्यवसाय और नीतिगत प्रभाव

होम സെക്രട്ടറി शबाना महमूद ने स्वीकार किया है कि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी अधिक वीजा के लिए लगातार पैरवी कर रहे हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि वे ‘इमिग्रेशन लीवर खींचने’ में बहुत जल्दबाजी कर रहे हैं। इस नीति और खर्च को लेकर विभिन्न पक्षों की तीखी आलोचना हुई है। आलोचकों का तर्क है कि स्थानीय कर्मचारियों में निवेश करने के बजाय टैक्सपेयर्स के पैसे का इस्तेमाल विदेशी श्रमिकों को काम पर रखने के लिए किया जा रहा है।

विभिन्न संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं

शैडो कैबिनेट ऑफिस मिनिस्टर माइक वुड ने इसे बेतुका करार देते हुए कहा कि टैक्सपेयर्स सिविल सेवा कर्मचारियों के व्यक्तिगत वीजा नवीनीकरण का खर्च उठा रहे हैं। टैक्सपेयर्स एलायंस के कैलम मैकगोल्ड्रिक ने कहा कि लेबर के तहत वीजा स्पॉन्सरशिप में उछाल आश्चर्यजनक नहीं है। वहीं, सेंटर फॉर माइग्रेशन कंट्रोल के रॉबर्ट बेट्स ने इस खर्च को ‘व्हाइटहॉल की तरफ से एक दोहरा झटका’ बताया है, जहां घरेलू श्रमिकों की अनदेखी की जा रही है और टैक्सपेयर्स स्पॉन्सरशिप की लागत वहन कर रहे हैं।

निष्कर्ष और आगे की स्थिति

चूंकि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा विदेशी कर्मचारियों के वीजा पर भारी फंड खर्च किया जा रहा है, इसलिए आने वाले समय में इस नीति पर संसद और जनता दोनों की नजरें बनी रहेंगी। इस बात पर भी बहस जारी है कि क्या घरेलू श्रम बल को बढ़ावा देकर इस खर्च को कम किया जा सकता है या नहीं।