क्लिथरो के फाउंडर्स का नया वेंचर Imagine Growth

परिचय

टेक और बिजनेस जगत में कई बार सफल उद्यमी अपने पुराने वेंचर को बेचने के बाद एक नए सफर पर निकलते हैं। क्लिथरो (Clitheroe) के जाने-माने फाउंडर्स रिकी लियर (Rikki Lear) और मार्क बर्न (Mark Byrne) ने एक बार फिर अपनी वापसी की घोषणा की है। उन्होंने अपने नए वेंचर के रूप में **Imagine Growth** की शुरुआत की है, जो एक खास HubSpot-नेटिव रेवेन्यू सिस्टम्स कंसल्टेंसी है। यह नया वेंचर लंकाशायर के वैली (Whalley) में आधारित है और B2B कंपनियों के लिए आधुनिक तकनीक और CRM का बेहतरीन तालमेल बिठाने पर काम कर रहा है।

पुराना सफर और Digital 22 की सफलता

रिकी लियर और मार्क बर्न का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। उन्होंने साल 2013 में क्लिथरो में ‘Digital 22’ की स्थापना की थी। अपनी मेहनत और सही रणनीतियों के दम पर उन्होंने इस एजेंसी को काफी आगे बढ़ाया और इसे 50-कर्मचारियों वाली एक बड़ी HubSpot एजेंसी के रूप में स्थापित किया।

जनवरी 2022 में उन्होंने Digital 22 को Avidly को बेच दिया। इस अधिग्रहण के बाद भी वे दो साल तक बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसके साथ जुड़े रहे। उस समय तक Avidly दुनिया भर में लगभग 460 लोगों को रोजगार दे रही थी। डिजिटल 22 के सफल एक्विजिशन के बाद रिकी लियर के मन में यह अनिश्चितता थी कि क्या वे दोबारा इस तरह का कोई नया वेंचर शुरू करेंगे या नहीं, लेकिन अंततः वे बिजनेस और क्लाइंट्स के बीच अपनी पुरानी भूमिका में लौट आए।

Imagine Growth: क्या है यह नया वेंचर?

अपने नए वेंचर **Imagine Growth** के साथ ये फाउंडर्स एक अलग और चुस्त मॉडल पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में यह फर्म चार लोगों की एक छोटी लेकिन अनुभवी टीम के रूप में लॉन्च हुई है। इस कोर टीम में को-फाउंडर्स रिकी लियर और मार्क बर्न के अलावा डायरेक्टर एम्मा लियर (Emma Lear) और पहली कर्मचारी इशिका त्रिवेदी (Ishika Trivedi) शामिल हैं।

यह कंपनी एक गोल्ड HubSpot सॉल्यूशंस पार्टनर (Gold HubSpot Solutions Partner) और एक Claude पार्टनर के रूप में काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य UK, यूरोप, अमेरिका और कनाडा की B2B कंपनियों के लिए HubSpot और Anthropic के एडवांस AI मॉडल यानी Claude को एक सिंगल सिस्टम में इंटीग्रेट करना है।

क्या बदला है: AI और CRM का एकीकरण

आज के समय में बिजनेस सेक्टर में AI को लेकर बहुत चर्चा होती है, लेकिन कई कंपनियों को यह समझ नहीं आता कि उनके CRM सॉफ्टवेयर में इसका वास्तविक उपयोग कैसे होगा। Imagine Growth इसी गैップ को भरने का काम कर रही है।

फाउंडर्स का मानना है कि आज की तकनीक इतनी सक्षम हो चुकी है कि छोटे आकार की टीम भी बड़े पैमाने पर काम संभाल सकती है। रिकी लियर ने इस बारे में बताया कि जब Claude सॉफ्टवेयर HubSpot के भीतर सारे भारी-भरकम काम संभाल लेता है, तो मात्र चार लोगों की टीम भी उतना काम आसानी से कर सकती है जिसके लिए पहले काफी बड़ी टीम की आवश्यकता होती थी।

मुख्य लाभ और तकनीकी क्षमताएं

इस कंसल्टेंसी का मुख्य फोकस कंपनियों के इंटरनल ऑपरेशंस को ऑप्टिमाइज़ करना है। मार्क बर्न के अनुसार, अधिकांश व्यवसायों को यह बताया जाता है कि AI सब कुछ बदल देगा, लेकिन कोई यह नहीं दिखाता कि वह उनके CRM में कैसा दिखेगा।

Imagine Growth इसी दिशा में काम करती है। वे Claude को सीधे HubSpot के अंदर इस तरह से इंटीग्रेट करते हैं कि यह सिस्टम:

    • सेल्स पाइपलाइन को गहराई से पढ़ता है।
    • उन डील्स को फ्लैग करता है जो खतरे में या जोखिम में होती हैं।
    • फॉलो-अप मैसेज और ईमेल ड्राफ्ट तैयार करता है।

हालांकि AI सारे तकनीकी और डेटा-आधारित काम करता है, लेकिन हर एक महत्वपूर्ण फैसले के केंद्र में एक इंसान यानी यूजर ही रहता है, जो पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।

व्यापारिक और सेक्टर प्रभाव

B2B सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए डेटा और पाइपलाइन मैनेजमेंट बहुत अहम होता है। इस नई कंसल्टेंसी के आने से कंपनियों को अपने सेल्स डेटा को समझने और उस पर तेजी से एक्शन लेने में मदद मिल रही है। चार सीनियर लोगों की यह टीम बिना किसी बिचौलिए के सीधे क्लाइंट्स के साथ काम करती है, जिससे प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी और क्वालिटी बेहतर होती है।

सीमाएं और जोखिम

यद्यपि AI और CRM का यह कॉम्बिनेशन बहुत प्रभावी है, लेकिन इसमें कुछ सावधानियां भी बरतनी जरूरी होती हैं। ऑटोमेटेड टूल्स और AI से मिलने वाले सिग्नल्स पर पूरी तरह आँख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता। जैसा कि कंपनी खुद स्पष्ट करती है कि हर निर्णय के पीछे मानवीय निगरानी (human-in-the-command) का होना अनिवार्य है, ताकि डेटा सटीकता बनी रहे और ग्राहकों के साथ संवाद स्वाभाविक रहे।

आगे क्या देखना है?

क्लिथरो के इन अनुभवी फाउंडर्स का यह नया प्रयोग इस बात का उदाहरण है कि कैसे कम कर्मचारियों और स्मार्ट ऑटोमेशन के जरिए बड़े बिजनेस गोल्स को हासिल किया जा सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि UK, यूरोप, अमेरिका और कनाडा के B2B बाजार में यह मॉडल कितना सफल होता है और अन्य कंपनियां अपने CRM में AI को किस तरह अपनाती हैं।