Space Technology expansion से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर: एक्सपर्ट्स

स्पेस टेक्नोलॉजी (Space technology) के तेजी से हो रहे विस्तार के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर अवसर पैदा हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ रही गतिविधियों से आने वाले समय में जॉब मार्केट में काफी संभावनाएं देखने को मिलेंगी। Space technology expansion से जुड़ी यह जानकारी इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

Space technology expansion: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

R&D और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नई पहल

रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। Aequs और IIT Dharwad (IIT-D) ने मिलकर धारवाड़ (Dharwad) में मटेरियल्स साइंस और मैन्युफैक्चरिंग इनोवेशन के लिए एक एडवांस्ड R&D सेंटर खोला है। इसके अलावा, DRDO के पूर्व चेयरमैन G. Satheesh Reddy आईआईटी हैदराबाद (IIT-H) में ऑनरेरी एडवाइजर (honorary adviser) के तौर पर शामिल हुए हैं।

AI Adoption और साइंस लिटरेसी पर जोर

टेक्नोलॉजी और AI इनोवेशन के एडॉप्शन को लेकर भी एक्सपर्ट्स जोर दे रहे हैं। ड्राफ्ट फेडरल AI स्ट्रैटेजी (Draft federal AI strategy) के तहत 2031 तक AI एडॉप्शन को बढ़ाने और लिटरेसी ट्रेनिंग (literacy training) देने की योजना बनाई गई है। इसका मकसद लोगों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना है।

साइंस और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास

नेशनल साइंस डे (National Science Day) के अवसर पर Raman Research Institute ने विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों और छात्रों के लिए अपने दरवाजे खोले, जिससे साइंस के प्रति उत्साह बढ़ाया जा सके। वहीं दूसरी ओर, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को गति देने के लिए आंध्र यूनिवर्सिटी (AU) और APEWIDC ने आपस में एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।

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मूल स्रोत: The Hindu

आगे क्या हो सकता है?

इस घटनाक्रम के अगले चरण पर उद्योग, उपभोक्ताओं और संबंधित संस्थानों की नजर रहेगी। Space technology expansion से जुड़े फैसले आने वाले समय में तकनीक, बाजार और व्यापक नीति पर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नए बदलाव को उसके व्यावहारिक प्रभाव, लागत, सुरक्षा और दीर्घकालिक संभावनाओं के आधार पर देखना जरूरी होगा।