अमेरिका और चीन ने $30 अरब के उत्पादों पर टैरिफ घटाने की घोषणा की

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर एक नया कदम सामने आया है। अमेरिका और चीन ने पारस्परिक रूप से लगभग 30 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों की सूचियां जारी की हैं जिन पर टैरिफ में कटौती की जाएगी। यह कदम चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई मुलाकात के कुछ दिनों बाद आया है, जो 2015 के बाद से उनका पहला अमेरिकी दौरा था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और बाजार पहुंच को सुरक्षित करना है।

what changed: दोनों देशों के बीच टैरिफ कटौती का समझौता

पूर्व में अमेरिकी टैरिफ पिछले साल कुछ समय के लिए 145% तक पहुंच गए थे, जिसके बाद अमेरिका ने चीन के खिलाफ टैरिफ कम किए थे। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस नए समझौते में चीन में आने वाले 1,619 अमेरिकी वस्तुओं के आइटम शामिल हैं। इनमें कृषि कमोडिटीज, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, टिंबर, मेडिकल इक्विपमेंट और अमेरिकी कोयला शामिल हैं।

दूसरी ओर, अमेरिका को निर्यात होने वाले चीनी सामानों के मामले में 77 श्रेणियां कवर की गई हैं। इनमें आतिशबाजी (fireworks), टेबलवेयर, कांच और लकड़ी के क्रिसमस ओरनामेंट्स, तथा फुटबॉल (soccer balls) शामिल हैं। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, 90% से अधिक उत्पादों पर टैरिफ दरें मोस्ट-फेवर्ड-नेशन स्तर के अधीन होंगी, जिससे देश-विशेष के टैरिफ प्रभावी रूप से समाप्त हो जाएंगे। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीयर (Jamieson Greer) ने बताया कि दोनों पक्षों के उत्पाद सूचियां गैर-संवेदनशील वस्तुओं पर केंद्रित थीं, जिन्हें अधिक अनुकूल टैरिफ ट्रीटमेंट का लाभ मिल सकता है।

key benefits: बाजार पहुंच और व्यापार को बढ़ावा

विश्लेषकों और जानकारों के अनुसार, यह समझौता अमेरिकी किसानों, निर्माताओं, व्यवसायों और श्रमिकों के लिए बाजार पहुंच सुरक्षित करने में मदद कर सकता है। कम किए गए टैरिफ अमेरिकी कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए एक जीत साबित हो सकते हैं और अमेरिका में महंगाई को कम करने में सहायता कर सकते हैं, साथ ही चीनी कंपनियों को अपनी ओवरकैपेसिटी का अधिक निर्यात करने की अनुमति दे सकते हैं।

विशेषज्ञों ने माना है कि प्रभावित उत्पादों के लिए यह एक सकारात्मक परिणाम है और इससे द्विपक्षीय व्यापार में अधिक महत्वपूर्ण उछाल आ सकता है। जानकारों का मानना है कि साल के बाकी समय में अमेरिका-चीन व्यापार में रिकवरी जारी रहने की संभावना है और वर्ष के अंत तक व्यापार तनावों में किसी बड़े टकराव की उम्मीद नहीं है।

risks or limitations: रणनीतिक क्षेत्रों को बाहर रखा गया

इस समझौते में कुछ महत्वपूर्ण सीमाएं भी हैं। चिप्स, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को इस समझौते के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, कुछ विशेषज्ञों ने नोट किया कि दोनों तरफ 30 अरब डॉलर का आर्थिक प्रभाव कुल मिलाकर सीमित हो सकता है, हालांकि 30 अरब डॉलर का यह सौदा चीन को होने वाले अमेरिकी निर्यात के लिए प्रतिशत हिस्सेदारी के लिहाज से अधिक सार्थक होगा।

अनिश्चितताओं के मोर्चे पर, सूचियों में संशोधन साल में एक बार से अधिक होने की संभावना नहीं है, हालांकि दोनों देशों ने सहमति जताई है कि आवश्यकतानुसार इस सूची को बाद में समायोजित किया जा सकता है।

business implications: व्यापार और आर्थिक आंकड़े

व्यापारिक और वित्तीय दृष्टिकोण से, इस समझौते का प्रभाव दोनों देशों के बड़े आर्थिक आंकड़ों के संदर्भ में देखा जा रहा है। चीन का ट्रेड सरप्लस पिछले साल रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया था और अगस्त तक यह लगभग 800 अरब डॉलर था। साल के पहले सात महीनों में अमेरिका का चीन को निर्यात लगभग 68 अरब डॉलर था, जबकि पहले आठ महीनों में चीन का अमेरिका को निर्यात करीब 270 अरब डॉलर रहा।

इसके अतिरिक्त, अमेरिका और चीन ने व्यापक ट्रेड ट्रूस (व्यापार युद्ध विराम) को दो महीने के लिए बढ़ा दिया है, जिससे इसकी समाप्ति की तारीख 10 नवंबर से बढ़कर जनवरी तक हो गई है।

what to watch next: आगे क्या देखना बाकी है

चूंकि दोनों देशों ने व्यापारिक मोर्चे पर नरमी दिखाते हुए सूचियों का आदान-प्रदान किया है, बाजार और विश्लेषक अब जनवरी तक बढ़ने वाले इस ट्रेड ट्रूस और इसके क्रियान्वयन पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि चीन का ट्रेड सरप्लस 2025 के रिकॉर्ड को पार करने की राह पर है, यह वर्तमान आंकड़ों पर आधारित एक अनुमान है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह पारस्परिक टैरिफ कटौती दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अपेक्षित गति दे पाती है या नहीं।