चीन ने अमेरिकी तकनीक पर निर्भरता घटाने के लिए कदम तेज़ किए

हाल के महीनों में चीनी सरकार ने अमेरिकी तकनीकी उत्पादों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। इन पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी स्वायत्तता को मजबूत करना है। US technology dependency से जुड़ी यह जानकारी इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

US technology dependency: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

राज्य एजेंसियों में विंडोज़ का विकल्प

बीस मार्च को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने घोषणा की है कि वह सभी सरकारी एजेंसियों में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ को अपने घरेलू ऑपरेटिंग सिस्टम से बदल देगा। इस निर्णय का उद्देश्य अमेरिकी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता को कम करना और राष्ट्रीय डेटा सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

इस परिवर्तन के तहत, कर्नेल आधारित लिनक्स वितरण “काइलिन” (Kylin) और अन्य घरेलू ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग बढ़ाया जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह कदम अमेरिकी तकनीकी प्रतिबंधों के बढ़ते दबाव के बीच आया है।

उच्च-प्रदर्शन चिप्स में आत्मनिर्भरता

अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण Nvidia के उच्च-स्तरीय ग्राफ़िक्स प्रोसेसर का निर्यात चीन में सीमित हो गया है। इस पृष्ठभूमि में, चीनी सरकार ने घरेलू चिप विकास को तेज़ करने के लिए नई नीतियाँ लागू की हैं।

हुआवेई ने हाल ही में “DeepSeek V4” को अपने “Ascend” चिप्स के साथ जोड़ने की घोषणा की है। इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि चीनी कंपनियाँ अपनी खुद की प्रोसेसिंग चिप्स के साथ जटिल मॉडल चला सकती हैं, जिससे बाहरी सप्लाई पर निर्भरता घटेगी।

चीन की चिप निर्माण कंपनियाँ, जैसे कि SMIC, भी नई तकनीक विकसित कर रही हैं जो कि उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है। सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएँ भी शुरू की हैं।

ऊर्जा भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला की पुनर्समीक्षा

अमेरिकी सेना ने हाल ही में चीनी बैटरियों के उपयोग को कम करने की घोषणा की है। इस कदम के जवाब में, दक्षिण कोरिया ने अपनी बैटरी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। यह कदम ऊर्जा भंडारण उद्योग में चीन पर निर्भरता को कम करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

इसके अलावा, अमेरिका ने G7 और अन्य साझेदार देशों को भी प्रोत्साहित किया है कि वे चीन से महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर अपनी निर्भरता कम करें। यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन में विविधता लाने के उद्देश्य से है।

सारांश और भविष्य की दिशा

इन सभी कदमों से स्पष्ट होता है कि चीन अपनी तकनीकी स्वायत्तता को बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। सरकारी नीतियाँ, उद्योग के नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का मिश्रण इस दिशा को आगे बढ़ा रहा है।

हालाँकि, इन प्रयासों के बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए चीन को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से, उन्नत विनिर्माण तकनीकों और वैश्विक सप्लाई चेन में विश्वास का निर्माण महत्वपूर्ण रहेगा।

इस संदर्भ में, आने वाले वर्षों में चीन के तकनीकी परिदृश्य में बदलाव का अवलोकन करना रोचक रहेगा। सरकार और उद्योग के बीच सहयोग, तथा वैश्विक नीतिगत परिवर्तनों के साथ, यह स्पष्ट है कि चीनी तकनीकी परिदृश्य में एक नया अध्याय लिखने का समय आ गया है।

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मूल स्रोत: تسنیم