Nike restructuring plan: $2.5 बिलियन का ओवरहॉल और जॉब कट्स का ऐलान
ग्लोबल स्पोर्ट्सवियर दिग्गज Nike Inc. ने अपनी गिरती बिक्री को संभालने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एक व्यापक Nike restructuring plan की घोषणा की है। कंपनी की योजना अगले पांच वर्षों में लगभग $2.5 बिलियन की बचत हासिल करने की है। इसके तहत बड़े पैमाने पर बिजनेस ओवरहॉल किया जाएगा और नौकरियों में कटौती की जाएगी। कंपनी का यह नया पुनर्गठन कदम ऐसे समय में सामने आया है जब उसके लेटेस्ट तिमाही नतीजे अनुमान से काफी कमजोर रहे हैं और पूरे वित्त वर्ष के लिए आउटलुक भी बेहद निराशाजनक पेश किया गया है।
कंपनी के अधिकारियों ने गुरुवार को इस व्यापक योजना की जानकारी सार्वजनिक की। इस पूरे पांच वर्षीय पुनर्गठन प्लान के तहत कंपनी को लगभग $1 बिलियन का प्रीटैक्स चार्ज (pretax charges) वहन करना पड़ेगा। यह पुनर्गठन प्रक्रिया कंपनी के विभिन्न डिवीजनों, ब्रांड स्ट्रैटेजी और वैश्विक भौगोलिक संरचना को पूरी तरह बदलने पर केंद्रित है।
तिमाही नतीजे और रेवेन्यू आउटलुक: विश्लेषकों के अनुमान से कहीं कमजोर प्रदर्शन
Nike द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू $11.2 बिलियन रहा। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4% कम है। तिमाही आंकड़ों में आई इस गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी की सेल में सुधार की गति सुस्त पड़ चुकी है।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू में हाई-सिंगल-डिजिट (high-single-digit) गिरावट का अनुमान जताया है। यह आउटलुक वॉल स्ट्रीट और बाजार विश्लेषकों की अपेक्षाओं से काफी ज्यादा खराब है, क्योंकि विश्लेषक लगभग 2% की गिरावट का अनुमान लगा रहे थे। इस तरह के निराशाजनक अनुमानों के बाद बाजार में चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
शेयर बाजार में भारी गिरावट: सितंबर 2013 के बाद सबसे निचला स्तर
कमाई के कमजोर आंकड़ों और निराशाजनक गाइडेंस का सीधा असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। न्यूयॉर्क समय के अनुसार सुबह 9:32 बजे Nike के शेयरों में 8.9% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के साथ कंपनी के शेयर सितंबर 2013 के बाद के अपने सबसे निचले इंट्राडे स्तर (lowest intraday level) पर पहुंच गए।
इस साल Nike के शेयरों में अब तक लगभग 49% की भारी गिरावट आ चुकी है। ब्लूमबर्ग द्वारा ट्रैक किए जाने वाले कम से कम 10 विश्लेषकों ने कंपनी के स्टॉक के लिए अपने प्राइस टारगेट को घटा दिया है। विटाल नॉलेज (Vital Knowledge) के विश्लेषक एडम क्रिसाफुली (Adam Crisafulli) ने आउटलुक पर टिप्पणी करते हुए कहा, “गाइडेंस काफी खराब है” (“The guidance is pretty ugly,”)।
भौगोलिक डिवीजनों का पुनर्गठन (Geographic Consolidation)
कंपनी अपने ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने के लिए अपने भौगोलिक डिवीजनों का एकीकरण (consolidation) कर रही है:
- Greater China का विलय: ग्रेटर चाइना (Greater China) डिवीजन को एशिया पैसिफिक (Asia Pacific) रीजन में मिलाया जा रहा है।
- Latin America का विलय: लैटिन अमेरिका (Latin America) डिवीजन को नॉर्थ अमेरिका (North America) रीजन के साथ संयोजित किया जा रहा है।
इस भौगोलिक समेकन का उद्देश्य अलग-अलग रीजनल यूनिट्स में होने वाले अतिरिक्त खर्चों को कम करना और ऑपरेशनल लागत को नियंत्रित करना है।
रोल कटौती और कर्मचारियों पर प्रभाव (Decisions Beginning in 2027)
पुनर्गठन योजना का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों की संख्या को अनुकूलित करने से जुड़ा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि “Nike को समय के साथ कम पदों की आवश्यकता होगी” (“Nike will require fewer roles over time”)।
हालांकि, किन विशिष्ट रोल्स और पदों पर जॉब कट्स का असर पड़ेगा, इस पर फैसले वर्ष 2027 में शुरू होंगे। इस फैसले से कर्मचारियों की भूमिकाओं की समीक्षा की जाएगी और कंपनी धीरे-धीरे अपनी टीम के आकार को कम करेगी ताकि $2.5 बिलियन की बचत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
प्रमुख ब्रांड्स का प्रदर्शन: Sportswear, Jordan और Converse की स्थिति
Sportswear सेगमेंट में दोहरे अंकों की गिरावट
Nike के मुख्य कारोबार में स्पोर्ट्सवियर (Sportswear) सेगमेंट का दबदबा रहा है, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग आधा (half of the company’s revenue) हिस्सा बनाता है। पिछली तिमाही में इस महत्वपूर्ण सेगमेंट की बिक्री में लो-डबल डिजिट्स (low-double digits) की गिरावट दर्ज की गई, जिसने कंपनी के ओवरऑल प्रदर्शन को काफी प्रभावित किया।
Converse की लगातार 14 तिमाहियों से घटती बिक्री
Nike के स्वामित्व वाले ब्रांड Converse की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। Converse ने लगातार 14 तिमाहियों में बिक्री में गिरावट दर्ज की है। इस ब्रांड के कमजोर प्रदर्शन के पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं:
- इसके प्रसिद्ध चक टेलर ऑल-स्टार (Chuck Taylor All-Star) जूते पर अत्यधिक निर्भरता।
- एक विज्ञापन से जुड़ा विवाद, जिसने कू क्लक्स क्लैन (Ku Klux Klan) की याद दिला दी थी।
Jordan ब्रांड की स्ट्रैटेजी में बदलाव
कंपनी के प्रमुख Jordan ब्रांड को पुनर्जीवित करने और उसकी साख को सुधारने के लिए Nike ने अपनी प्रोडक्ट रणनीति में बदलाव करने का निर्णय लिया है। कंपनी अपने कुछ रेट्रो (retro) प्रोडक्ट्स के लॉन्च की वॉल्यूम (मात्रा) और फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) को कम करेगी, ताकि मार्केट में उनकी विशिष्टता और मांग को दोबारा मजबूत किया जा सके।
चीन के बाजार में चुनौतियां और CFO Dave Denton का बयान
कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) डेव डेंटन (Dave Denton) ने चीनी बाजार में जारी दबाव की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कंपनी का वित्तीय गाइडेंस यह मानकर चलता है कि “वर्ष के शेष भाग के लिए रेवेन्यू के नजरिए से चीन की स्थिति वास्तव में और खराब होगी” (“assumes that China actually gets worse from a revenue perspective for the balance of this year”) क्योंकि बिजनेस को दोबारा दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
मैनेजमेंट और लीडरशिप पर उठते सवाल
Nike के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) इलियट हिल (Elliott Hill), जो 63 वर्ष के हैं, कंपनी का नेतृत्व करते हुए अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। हालांकि, लगातार गिरते वित्तीय नतीजों के कारण लीडरशिप पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
एडम क्रिसाफुली (Vital Knowledge) के अनुसार, मैनेजमेंट द्वारा बिजनेस को सही रास्ते पर लाने में असमर्थता के चलते सीईओ के रूप में हिल को बदलने की चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।
वहीं ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस (Bloomberg Intelligence) की पूनम गोयल (Poonam Goyal) ने लिखा, “हालांकि Nike का नॉर्थ अमेरिका बिजनेस लगातार सुधर रहा है, अन्य क्षेत्रों में कमजोरी और वित्त वर्ष 2027 के लिए काफी कमजोर आउटलुक यह संकेत देते हैं कि टर्नअराउंड प्रक्रिया थम गई हो सकती है” (“While Nike’s North America business continues to improve, weakness elsewhere and a much softer fiscal 2027 outlook suggest the turnaround may have stalled,”)।
आगे की राह: क्या सफल होगा टर्नअराउंड?
कंपनी की इस टर्नअराउंड योजना की सफलता और मैनेजमेंट की इसे प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सीईओ इलियट हिल के भविष्य और वित्तीय वर्ष 2027 तक नौकरियों में होने वाले बदलावों पर आगामी तिमाहियों में निवेशकों और बाजार की करीबी नजर रहेगी।
