
नई दिल्ली – 27 अगस्त, 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक विशेष कार्यक्रम में अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप्स से भारत को वैश्विक प्रतिभा व निवेशकों के लिए प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया। यह संदेश उन्होंने भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास संगठन (ISRO) के प्रमुख कार्यशाला के दौरान दिया, जहाँ उन्होंने देश के अंतरिक्ष उद्योग के विकास के लिए नई पहल और नीतियों पर चर्चा की।
इंटरस्टेलर नवाचार के लिए नई दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “भारत को अंतरिक्ष नवाचार के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाना हमारा उद्देश्य है, और इसके लिए हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और निवेशकों को आकर्षित करना होगा।”
इस संबोधन के दौरान, मोदी ने ‘BHAVYA’ नामक एक नई योजना के तहत छह क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। ये पार्क, जो भारत के प्रमुख शहरों में स्थापित किये जाएंगे, अंतरिक्ष, रक्षा, और विज्ञान-तकनीकी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को आधारभूत संरचना और निवेश के अवसर प्रदान करेंगे।
पार्लियामेंटरी पैनल की समीक्षा और नई नीति
प्रधानमंत्री के इस आह्वान के साथ ही, एक पार्लियामेंटरी पैनल ने बेंगलुरु में ISRO और अन्य अंतरिक्ष एवं विज्ञान परियोजनाओं की समीक्षा की। पैनल ने बताया कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में नई तकनीकों और उपग्रह प्रक्षेपण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश की आवश्यकता है।
इस पैनल ने यह भी रेखांकित किया कि अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार को अनुकूल नीतियाँ और वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए।
स्टार्टअप्स के लिए नई संभावनाएँ
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से जोड़ने के लिए नई पहल शुरू की जाएगी। इसके अंतर्गत, स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, फंडिंग और तकनीकी सहयोग के लिए विशेष मंच उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस संदर्भ में, उन्होंने उल्लेख किया कि IIT मद्रास के इंक्यूबेटेड एक स्टार्टअप ने तमिलनाडु सरकार के साथ ₹100 करोड़ का सौदा किया है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर के उत्पादन को बढ़ाने की योजना है। यह उदाहरण दर्शाता है कि भारतीय स्टार्टअप्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सरकार की सहायता आवश्यक है।
भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए हमें अपनी क्षमताओं को बढ़ाना होगा। यह केवल वैज्ञानिक प्रगति का विषय नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा का भी विषय है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल नीति ढांचा तैयार करेगी, जिससे वे वैश्विक स्तर पर निवेशकों और प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को आकर्षित कर सकें।
इस कार्यक्रम के अंत में, अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के आह्वान का स्वागत किया और कहा कि वे सरकार के साथ मिलकर नई तकनीक और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के प्रति आह्वान भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक नई दिशा तय करता है। यह पहल न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी, बल्कि वैश्विक निवेशकों और प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों के लिए भी भारत को एक आकर्षक गंतव्य बनायेगी। इस प्रयास से भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तेज़ी से विकसित होने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी योगदान देगा।