डिजिटल माइनिंग इंडिया: माइनिंग 5.0 और AI क्रांति

माइनिंग 5.0: भारत का नया युग

भारत का खान क्षेत्र डिजिटल तकनीक के साथ एक नए माइनिंग 5.0 युग में प्रवेश कर रहा है। इस परिवर्तन में एकीकृत डिजिटल सिस्टम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे खनन संचालन को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाया जा सके (Source 8)।

AI और डिजिटलाइज़ेशन: प्रतिस्पर्धा का नया इंजन

संसद के सांसद सास्मित पात्र ने लाइवमिंट के साक्षात्कार में बताया कि AI भारत के खान और धातु क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (Source 4)। इसी विषय पर रेडिफ और मनीविज़ ने भी विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है, जो AI और डिजिटलाइज़ेशन के प्रभाव को रेखांकित करते हैं (Source 3, Source 5)।

कुंजी: KPMG का दृष्टिकोण

KPMG के विश्लेषण के अनुसार, भारत खनन से लेकर धातु उत्पादन तक की पूरी श्रृंखला में तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ कर रहा है। इस परिवर्तन का फोकस प्रक्रियाओं को अधिक कुशल, पारदर्शी और लागत-प्रभावी बनाने पर है (Source 2)।

स्थिरता और नवाचार: EY का दृष्टिकोण

EY के अनुसार, भारत के खान क्षेत्र को स्थिरता और नवाचार के माध्यम से परिवर्तित किया जा रहा है। यह दृष्टिकोण तकनीकी उन्नति के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी समाहित करता है, जो आधुनिक खनन प्रथाओं का एक महत्वपूर्ण पहलू है (Source 6)।

फंडिंग और नवाचार: TEXMiN Foundation

टेक्समिन फाउंडेशन भारत में नवीन खनन तकनीकों के विकास के लिए वित्तपोषण प्रदान कर रहा है। इसके तहत अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों का समर्थन किया जा रहा है, जो खान क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को गति देने के लिए महत्वपूर्ण हैं (Source 7)।

स्रोत