भारत अब महज अनुसंधान और विकास (R&D) का केंद्र रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्मार्ट, कनेक्टेड सिस्टम्स और सेमीकंडक्टर तकनीकों के लिए एक बड़े बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है। एनएक्सपी (NXP) के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) लार्स रेगर (Lars Reger) के अनुसार, देश में R&D आधार से स्मार्ट और कनेक्टेड सिस्टम्स के मार्केट में परिवर्तन का दौर देखा जा रहा है। यह बदलाव भारत में हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की बढ़ती मांग और तकनीकी क्षमताओं के विस्तार को दर्शाता है।
वैश्विक चिप निर्माता कंपनी इंटेल (Intel) ने भी भारत की बढ़ती भूमिका पर भरोसा जताया है। इंटेल के आकलन के अनुसार, भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर विस्तार (global semiconductor expansion) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूती और विविधता लाने के प्रयासों के बीच भारत सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
2035 तक $150 बिलियन चिप इकोसिस्टम का लक्ष्य
देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को दीर्घकालिक दिशा देने के लिए सरकार ने 10 साल का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस 10-वर्षीय सेमीकंडक्टर रोडमैप का उद्देश्य वर्ष 2035 तक भारत में $150 billion (150 अरब डॉलर) का चिप इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह योजना बुनियादी ढांचे के निर्माण, स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और अनुसंधान को गति देने पर केंद्रित है।
उद्योग में स्थिरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ‘Semicon 2.0’ के तहत सरकार ने चिप संयंत्रों (chip plants) के पूर्ण वाणिज्यिक उत्पादन (full commercial production) से पहले उनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य संयंत्रों में वास्तविक उत्पादन प्रक्रिया को शुरू करना और विनिर्माण प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।
असेंबली से आगे बढ़कर इन-हाउस R&D और नवाचार
भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में देशी कंपनियां अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन-हाउस R&D और तकनीक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। ब्रांडवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Brandworks Technologies) के ईश्वर कुमार (Ishwar Kumar) का कहना है, “हम AI, GaN (गैलियम नाइट्राइड) और इन-हाउस R&D के जरिए भारत की स्मार्ट सर्विलांस को आगे बढ़ा रहे हैं, और केवल असेंबली से परे जाकर सुरक्षित इनोवेशन (secure innovation) पर काम कर रहे हैं।”
यह परिवर्तन दर्शाता है कि भारतीय टेक कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और गैलियम नाइट्राइड (GaN) जैसी आधुनिक सामग्रियों का उपयोग करके देश में ही उन्नत सुरक्षा उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक समाधान विकसित कर रही हैं।
औद्योगिक रोडमैप और तकनीकी विकास का अगला चरण
भारत के तकनीकी परिदृश्य में वैश्विक कंपनियों की दीर्घकालिक भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। होरिबा इंडिया (HORIBA India) ने भारत में अपने 20 साल पूरे कर लिए हैं और कंपनी ने विकास के अपने अगले चरण (next phase of growth) के लिए अपनी योजनाएं निर्धारित की हैं।
इसके अलावा, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने ‘Bharat Innovates 2026’ के माध्यम से देश के औद्योगिक विकास के लिए एक रूपरेखा पेश की है। CII के अनुसार, यह ढांचा एक लचीले, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भविष्य (resilient, inclusive, and globally competitive future) का निर्माण करने के लिए एक ब्लूप्रिंट प्रदान करता है।