अमेरिका के ट्रेजरी विभाग (US Treasury) ने क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले ईरान से जुड़े हैकर्स पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। महत्वपूर्ण सेवाओं और सरकारी नेटवर्क पर बढ़ते साइबर हमलों के बाद अमेरिकी प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। us sanctions iranian hackers से जुड़ी यह जानकारी इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
us sanctions iranian hackers: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
वाटर सप्लायर्स और Siemens डिवाइसेज पर बढ़ा खतरा
अमेरिका में एक वाटर सप्लायर में साइबर सेंधमारी के बाद देश की इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। अमेरिका ने चेतावनी जारी की है कि Siemens के डिवाइसेज हैक हो सकते हैं। यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब यह आशंका जताई जा रही है कि ईरानी हैकर्स वाटर प्लांट्स को अपना निशाना बना रहे हैं।
UK में पावर प्लांट पर हुआ था बड़ा हमला
ईरान से जुड़े हैकर्स पर पहली बार यूनाइटेड किंगडम (UK) में किसी पावर प्लांट को निशाना बनाने का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साइबर हमले के कारण यूके के एक पावर जनरेटर को लगातार चार दिनों तक ऑफलाइन रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
चीन से जुड़े हैकिंग नेटवर्क पर भी एक्शन
ईरानी साइबर खतरों के अलावा, अमेरिकी एजेंसियों को चीन से जुड़े हैकर्स की गतिविधियों का भी सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के मुताबिक, चीन से जुड़े हैकर्स ने NASA, अमेरिकी सेनेट और विभिन्न सरकारी एजेंसियों पर साइबर हमले किए थे। इसके जवाब में FBI ने अमेरिकी एजेंसियों के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे चीन से जुड़े हैकिंग टूल्स को निष्क्रिय कर दिया है।
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मूल स्रोत: The Hacker News
आगे क्या हो सकता है?
इस घटनाक्रम के अगले चरण पर उद्योग, उपभोक्ताओं और संबंधित संस्थानों की नजर रहेगी। us sanctions iranian hackers से जुड़े फैसले आने वाले समय में तकनीक, बाजार और व्यापक नीति पर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नए बदलाव को उसके व्यावहारिक प्रभाव, लागत, सुरक्षा और दीर्घकालिक संभावनाओं के आधार पर देखना जरूरी होगा।