Rosatom और भारतीय फर्मों ने नाभिकीय ऊर्जा व औद्योगिक तकनीक में गहरा सहयोग तय किया

रूस-भारत नाभिकीय सहयोग का नया अध्याय

ET Manufacturing ने रिपोर्ट किया कि रूसी नाभिकीय ऊर्जा समूह Rosatom और कई भारतीय कंपनियों ने नाभिकीय ऊर्जा व औद्योगिक तकनीक में गहरा सहयोग करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस कदम से भारत के नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम को नई तकनीकी क्षमताएँ मिलने की उम्मीद है।

इन समझौतों के तहत नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण, रखरखाव और उन्नयन के लिये रोसाटम की विशेषज्ञता तथा भारतीय फर्मों की स्थानीय उत्पादन क्षमताएँ एक साथ मिलेंगी।

INNOPROM में रोसाटम की तकनीकी प्रस्तुति

Raksha Anirveda के अनुसार, रोसाटम ने भारत में आयोजित रक्षा एवं औद्योगिक प्रदर्शनी INNOPROM में अपनी नवीनतम तकनीकी समाधान प्रस्तुत किये। इस कार्यक्रम में रोसाटम ने भारत-रूस रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने के लिये नाभिकीय तथा औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध तकनीकों को प्रदर्शित किया।

प्रस्तुति के दौरान रोसाटम ने भारत को नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों के लिए उन्नत रिएक्टर मॉडल और सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों की पेशकश की, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में विविधता आएगी।

BRICS 2026 और नाभिकीय एवं क्रिटिकल मेटल्स

Moneycontrol के अनुसार, BRICS 2026 के संदर्भ में रोसाटम ने भारत को नाभिकीय ऊर्जा और क्रिटिकल मेटल्स तकनीकें प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव में नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों के साथ-साथ क्रिटिकल मेटल्स के उत्पादन और उपयोग के लिये आवश्यक तकनीकी सहायता शामिल है।

इस पहल से भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी, खासकर उन धातुओं के लिये जो उन्नत प्रौद्योगिकी में अनिवार्य हैं।

दुर्लभ धातु साझेदारी में गति

Organiser.org के अनुसार, भारत-रूस दुर्लभ धातु (rare earth) साझेदारी ने हाल ही में गति पकड़ी है। रोसाटम ने भारत को दुर्लभ धातुओं के खनन, प्रसंस्करण और उपयोग के लिये आवश्यक तकनीकें और निवेश के अवसर प्रदान किये हैं।

यह सहयोग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रतिस्पर्धा के बीच भारत को रणनीतिक रूप से स्थान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारत-रूस नाभिकीय बंधन की पुनः पुष्टि

Cape Times ने बताया कि भारत और रूस के बीच नाभिकीय संबंधों को फिर से प्रज्वलित किया गया है। इस पुनः जागृत बंधन के तहत, दोनों देशों ने नाभिकीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिये कई संयुक्त परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त की है।

इन परियोजनाओं में नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण, उन्नयन, तथा संबंधित औद्योगिक तकनीक का साझा विकास शामिल है।

इस प्रकार, रोसाटम और भारतीय फर्मों के बीच हुए समझौते नाभिकीय ऊर्जा के अलावा औद्योगिक तकनीक, दुर्लभ धातु और क्रिटिकल मेटल्स के क्षेत्र में भी सहयोग का नया आयाम स्थापित करते हैं।

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मूल स्रोत: ET Manufacturing